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अब कैदियों को मिलगा आईपैड, पढ़ेंगे कहानियां और देखेंगे वीडियो

Thu, 07 Apr 2016 11:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

सार

  • कैदियों को मिलेगी ई-लाइब्रेरी की सुविधा
  • व्यक्तित्व में सुधार की कवायद, भोंडसी जेल में होगी व्यापक शुरुआत
  • आईपैड पर पढ़ेंगे कहानियां और देखेंगे वीडियो 
  • तिहाड़ जेल में महिला कैदियों को मिली है यह सुविधा
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जेल - फोटो : Demo Pic
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से अब भोंडसी स्थित मॉडर्न जेल के कैदी जुड़ जाएंगे। उन्हें वर्चुअल वर्ल्ड से जोड़ा जाएगा। जी हां, यहां पर ई-लाइब्रेरी बन रही है। नए युग की लाइब्रेरी को कैदियों को सुधारने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदेश में पहली बार गुड़गांव में यह सेवा शुरू होने जा रही है।
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जेल प्रशासन की ओर से एक ई-लाईब्रेरी तैयार की जा रही है, जिसमें कैदियों को पढ़ने के लिए किताबें नहीं बल्कि टैबलेट और आईपैड उपलब्ध कराया जाएगा। इंडिया विजन नामक संस्था की ओर से यह काम किया जा रहा है। संस्था की ओर से जेल में बंद कैदियों के सुधार के लिए तरह-तरह के अभियान चलाए जाते हैं।

इसी का एक हिस्सा ई-लाइब्रेरी भी है। जेल प्रशासन के मुताबिक काफी कैदी पढ़ना-लिखना चाहते हैं। जिन कैदियों को पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं होगी, वे वीडियो के माध्यम से ज्ञानवर्धन कर व्यक्तित्व में सुधार लाने का प्रयास सकेंगे। प्रेरणा देने वाली कहानियों को फिल्म के माध्यम से कैदियों के मनमस्तिष्क में उतारा जाएगा।
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जेल में कैदियों की संख्या
: जेल में विचाराधीन कैदी 1358 हैं 
: सजायाफ्ता कैदी 523 हैं। 
: महिला कैदी 54  हैं। 

कैदियों के विचार परिवर्तन व उनकी सुविधा के लिए ई-लाइब्रेरी की शुरुआत की जा रही है। मई तक इसके शुरू होने की उम्मीद है। -हरेंद्र, जेल अधीक्षक मॉडर्न जेल भोंडसी, गुड़गांव 

इंडिया विजन फाउंडेशन की ओर से आईपैड जेल प्रशासन को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें सॉफ्टवेयर के माध्यम से फिल्म, कहानी व अन्य ज्ञान की जानकारियां उपलब्ध होंगी।-निदेशक इंडिया विजन फाउंडेशन 
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