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मेडिकल कालेज में पुलिसकर्मियों का तांडव, 50 डाक्टरों ने दिया इस्तीफा

Sun, 21 Aug 2016 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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मेवात में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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नशे में धुत पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार रात मेवात मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड से मारपीट की। जब उन्हें मेडिकल जांच के लिए इमरजेंसी ले जाया गया तो नूंह पुलिस ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने मेडिकल कॉलेज के छात्रों, डॉक्टरों और स्टाफ पर लाठीचार्ज कर दिया।
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इसमें तीन छात्र घायल हो गए। इस दौरान पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। घटना से नाराज स्टाफ दोषी पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज करने की मांग को लेकर हड़ताल पर चला गया। उन्होंने थाना प्रभारी को बर्खाश्त करने की मांग की।

शुक्रवार रात करीब 11 बजे तीन पुलिसकर्मी- बलदेव सिंह, प्रमोद कुमार और निरंजन सिंह कॉलेज परिसर में गश्त के लिए आए। आरोप हैं कि शराब के नशे में धुत तीनों पुलिसकर्मी मेडिकल कॉलेज में लगे बेरिकेड के पास गाड़ी लेकर पहुंचे।
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उन्होंने वहां तैनात सुरक्षाकर्मी जब्बार खान से अपने अफसर को सलाम करने को कहा। सुरक्षा गार्ड के मना करने पर  पुलिसकर्मियों ने उससे मारपीट कर दी। इसके बाद अन्य सुरक्षागार्ड व सिक्योरिटी सुपरवाइजर पहुंच गए और नशे में धुत  पुलिसकर्मियों को मेडिकल जांच के लिए इमरजेंसी वार्ड में ले गए।

सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के संपदा अधिकारी डॉ. शिबादत्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने नूंह थाना प्रभारी संजय यादव को घटना की जानकारी दी। आरोप हैं कि थाना प्रभारी ने  आते ही वहां मौजूद डॉक्टरों से बदतमीजी शुरू कर दी और थाने से और पुलिसबल बुलवा लिया।

डॉक्टरों और स्टाफ पर किया लाठीचार्ज

इस दौरान कॉलेज की लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस के छात्र भी वहां पहुंच गए। जैसे ही पुलिस बल पहुंचा, उसने वहां मौजूद छात्रों, डॉक्टरों, सुरक्षाकर्मियों पर लाठीचार्ज कर दिया।

इसमें छात्र आजम खान, अमनदीप, अंकुश सिवाच, कपिल, नितिन शर्मा, अनय गोयल, तसलीम खान, नितिश वर्मा, रवि बेनीवाल, जशवीन, विशाल, अमित, सुमित, सचिन, हेमंत, अंकित, अमित, दीपक, पुनीत यादव, संग्राम समेत करीब 30 छात्र घायल हो गए। सुरक्षाकर्मी दीपचंद के सिर में भी गहरी चोट आई। जिसका इलाज चल रहा हैं।

 रात 2:35 बजे मेवात पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने गाड़ी को आग लगाने का आरोप वहां मौजूद भीड़ पर लगाया। वहीं मेडिकल कॉलेज के छात्रों व स्टाफ ने पुलिस वालों पर ही गाड़ी को आग लगाने का आरोप लगाया, जिसकी वीडियो भी छात्रों ने बनाई है।

इसके बाद जब सुबह पुलिस जली हुई गाड़ी को लेने पहुंची तो वहां मौजूद मेडिकल  कॉलेज के स्टाफ व छात्रों ने इसका विरोध करते हुए लीगल तरीके से गाड़ी ले जाने की बात कही।

इस पर तैश में आए डीएसपी आशीष चौधरी ने कहा, गाड़ी हमारी हैं, हमने जलाई और अब हम लेकर जा रहे हैं। उनका यह बयान छात्रों के पास मौजूद वीडियो में स्पष्ट है। छात्रों ने पुलिस पर सरकारी संपत्ति के नुकसान का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

सुरक्षाकर्मियों ने किया झगड़ा : डीएसपी

- फोटो : अमर उजाला
नूंह जिला मुख्यालय डीएसपी आशीष चौधरी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीसीआर नंबर-2 रात में गश्त पर आई थी। चेकिंग के दौरान कुछ गार्डों से पुलिसकर्मियों की झड़प हो गई।

इस दौरान गार्डों ने पुलिस पर हमला कर दिया और बंधक बनाकर उन्हें इमरजेंसी में ले गए। जब एसएचओ पुलिसकर्मियों को छुड़ाने के लिए फोर्स लेकर आए तो वहां मौजूद भीड़ ने उनके साथ बदतमीजी की। इससे झगड़ा बढ गया। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

वहीं मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने एसएचओ संजय यादव को बर्खास्त करने, दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने और मेडिकल कॉलेज के किसी भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई न होने का लिखित आश्वासन मिलने तक कॉलेज और अस्पताल को खुलने नहीं दिया जाएगा। 
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50 डाक्टरों ने दिया इस्तीफा

- फोटो : अमर उजाला
नल्हड़ मेडिकल कालेज में हुई घटना के मामले में पुलिस ने अस्पताल के संपदा अधिकारी शिव दत्ता व मेडिकल के अज्ञात छात्रों के खिलाफ पुलिस वाहन फूंकने का मामला दर्ज किया है।

जिसके बाद अस्पताल में तैनात 180 डाक्टरों में 50 डाक्टरों ने शनिवार को सामूहिक इस्तीफा महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान अधिकारी डी के बहरा को सौंप दिया है। डाक्टरों ने चेतावनी दी है कि सुबह तक उनकी मांग न मानी गई तो सभी 180 डाक्टर अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

खबर लिखे जाने तक महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान अधिकारी , उपायुक्त , पुलिस अधीचक व अन्य लोग धरने पर बैठे लोगों को शांत करने का प्रयास करने में जुटे थे। पुलिस की ओर से मुकदमें नाम दर्ज करने व थाना प्रभारी पर कार्रवाई न करने से प्रदर्शन कर रहे लोगों का आक्रोष बढ़ता जा रहा था। 
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