अनुदान की राशि हड़पने वाले कांस्टेबल को दो साल की मासूम बच्ची से हुई दरिंदगी के दर्द से जूझ रही मां का भी ख्याल नहीं आया। आरोप है कि महिला दरोगा के साथ मिलकर कांस्टेबल ने पहले पीड़िता की मां को मदद का आश्वासन दिया और बाद में एटीएम अपने कब्जे में लेकर रुपये निकाल लिए।
पुलिस ने जांच की तो एटीएम की सीसीटीवी फुटेज में कांस्टेबल रुपये निकालता दिखाई दिया। इसके बाद ही पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की। पीड़िता की मां ने बताया कि घटना के दौरान ही जब वह विजय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची तो उनकी पहचान एसएचओ की माइक मोबाइल के चालक कांस्टेबल आदिल से हुई थी।
आदिल ने उन्हें पूरी मदद का आश्वासन दिया था। इसके बाद ही जब एसओ प्रतिमा ने उन्हें आदिल से मिलवाया तो उन्हें लगा कि वह मदद करेगा और उन्हें अनुदान राशि दिलवा देगा। पीड़ित मां के अनुसार उन्हें पता ही नहीं था कि कांस्टेबल ने उनके अकाउंट का एटीएम ले लिया और रुपये निकाल लिए।
जब पिछले दिनों उन्होंने बैंक जाकर पता किया तो उन्हें रुपये निकलने का पता लगा। एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि मामले की जांच सीओ प्रथम मनीषा सिंह को सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
नाम बदलकर पीड़िता से मिलता था आरोपी कांस्टेबल
पुलिस जांच में सामने आया कि शुरुआत में आरोपी कांस्टेबल ने पीड़िता की मां को अपना नाम समीर बताया था। वह इसी नाम से उससे मिलता था। जब सीओ ने सीसीटीवी फुटेज से मिलान की तो पता चला कि यह वर्तमान में हापुड़ में तैनात चालक आरक्षी आदिल है।
आरोपी महिला दरोगा पर अभी तक नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने जो शिकायत दी है उसमें साफ है कि एसआई प्रतिमा ने ही पहले उनसे मुलाकात की और आदिल से उन्हें मिलवाया। इसके बावजूद पुलिस ने प्रतिमा पर कार्रवाई नहीं की है। एसएसपी ने बताया कि प्रतिमा की संलिप्तता की जांच की जा रही है। आरोपी कांस्टेबल के लिए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है।
दो साल की मासूम बच्ची से रेप के बाद मिले सरकारी अनुदान के तीन लाख रुपये हड़पने के मामले में कोतवाली पुलिस ने शनिवार को आरोपी कांस्टेबल आदिल को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एसएसपी के आदेश पर वर्तमान में महिला थाने में तैनात महिला दरोगा प्रतिमा और हापुड़ में तैनात कांस्टेबल आदिल पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
2016 में मासूम से हुआ था दुष्कर्म
मामले में महिला दरोगा प्रतिमा की संलिप्तता की जांच की जा रही है। जुलाई 2016 में विजय नगर थानाक्षेत्र में पड़ोसी युवक ने दो साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी पड़ोसी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पीड़ित मां का आरोप है कि घटना के एक माह बाद उस समय विजय नगर थाने में तैनात एसआई प्रतिमा उनके पास आईं और सरकारी अनुदान के लिए उनसे बैंक खाते की जानकारी मांगी। उनका बैंक खाता नहीं था तो उन्होंने आधार कार्ड बनवाकर घंटाघर के ग्रामीण बैंक में खाता खुलवाया।
आरोप है कि दो माह पहले प्रतिमा ने पीड़ित मां को बैंक बुलाया और वहां आदिल उर्फ समीर नामक कांस्टेबल से मिलवाया। बैंककर्मियों को बताया गया कि आदिल रेप पीड़िता का भाई है। आरोप है कि पीड़िता का भाई बनकर आदिल ने बैंक से एटीएम कार्ड ले लिया और उसमें से अनुदान के रूप में मिले तीन लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़िता की मां को पता चला तो उन्होंने मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी ने मामले में संज्ञान लेते हुए कोतवाली में दरोगा और कांस्टेबल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएसपी ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल आदिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एटीएम की सीसीटीवी फुटेज में वह वर्दी में रुपये निकालता दिखाई दे रहा है।