सेक्टर-49 के थाना प्रभारी रह चुकेव हाल ही में एक्सप्रेस वे केथाना प्रभारी बिजेंद्र भड़ाना का ट्रांसफर बुलंदशहर कर दिया गया। वजह ये है कि बरौला के पास 27 जनवरी को सड़क पर पड़े ऑयल के कारण एक के बाद एक हुए सड़क हादसे में कई लोग जख्मी हो गए थे।
जिस पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिवांस ने लोगों की मदद के लिए घटना की शिकायत 100 नंबर पर पुलिस को दी। आधे घंटे में पहुंची पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। पुलिस का कहना था कि कोई मर जाए तो बताना।
इस पर युवक शिवांस ने डीजीपी को ट्वीट कर दिया। डीजीपी ने एसएसपी गौतमबुद्धनगर को मामले को देखने का आदेश दिया। एसएसपी की फटकार से गुस्से में आए थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे। वहां पीड़ित और थाना प्रभारी भड़ाना में बहस हो गई।
पीड़ित का आरोप है कि इससे गुस्साए थाना प्रभारी ने उनके साथ मारपीट करते हुए उन्हें थाना ले आई। कहा कि जो करना हो, कर लो, कोई कार्रवाई नहीं होगी। देर रात थाने से घर आने पर पीड़ित शिवांस ने घटना की शिकायत ट्वीट के जरिए पीएमओ, सीएम और डीजीपी से कर दी।
पीएमओ ऑफिस से सीएम के ऑफिस में शिकायत पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। सीएम ने तुरंत डीजीपी से शिकायत पर कार्रवाई करने के आदेश दिए। एसएसपी को दोबारा डीजीपी कार्यालय से फोन आया और पीड़ित के बारे में बताया गया।
इस पर एसएसपी ने तत्कालीन एएसपी गौरव ग्रोवर को जांच के निर्देश दिए। जांच में थाना प्रभारी बिजेंद्र भड़ाना दोषी पाया। मामला कुछ समय के लिए ठप पड़ गया। इस बीच बिजेंद्र भड़ाना को एक्सप्रेस वे का थाना प्रभारी बना दिया गया।
पीड़ित शिवांस ने हार न मानते हुए लगातार ट्वीट करते रहे। जिस पर जांच की रिपोर्ट को उच्च अधिकारी को भेज दिया गया। पुलिस उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजेंद्र भड़ाना का मंगलवार को बुलंदशहर ट्रांसफर कर दिया।
शिवांस श्रीवास्तव यहां सेक्टर-41 में रहते हैं। वह सॉप्टवेयर इंजीनियर के साथ-साथ एनजीओ भी चलाते हैं। इस मामले में उन्होंने बताया कि इस घटना में एसआई अजब सिंह भी बराबर केजिम्मेदार है। उनके उपर भी सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।