मुंबई की अदालत से गैंगस्टर संदीप गाड़ौली मामले में पुलिस कर्मियों पर गिरफ्तारी का शिकंजा कसने से पहले ही पुलिस आयुक्त ने गैंगस्टर के एनकाउंटर में शामिल पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
मुंबई और गुड़गांव पुलिस के बीच चल रहे लुकाछिपी के खेल में कानूनी दांवपेंच के चलते हर कोई अपने को मजबूत रखने की कोशिश में जुटा हुआ है। हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी जांच में एसआई प्रद्युम्न , एएसआई परमजीज, सिपाही दीपक, विकास व विक्रम को दोषी पाया है।
जिनकी गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी ने प्रयास भी किया था। कानूनी दांवपेंच के चलते एसआईटी ने मुंबई की जिला अदालत में पांचों पुलिस कर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट निकालने की अर्जी दी थी।
संदीप की प्रेमिका समेत 12 लोगों पर लगा था हत्या का आरोप
दिव्या पाहुजा
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तीन बहस के बाद अदालत ने बृहस्पतिवार को उस अर्जी को खारिज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। इस आदेश के पहले ही पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क ने एसआई प्रद्युम्न सहित पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
उनके निलंबन के पीछे मुंबई एसआईटी की जांच रिपोर्ट में उन्हें हत्या का आरोपी बनाना मुख्य वजह है। मालूम हो कि 7 फरवरी को मुंबई के मेट्रो एयरपोर्ट होटल में हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर में यह पांचों पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं। आरोप है कि यह एनकाउंटर फर्जी निकला है, जिसके चलते पुलिस एक मोस्ट वांटेड को मारने के बाद भी घिर गई है।
परिजनों ने 12 लोगों पर लगाए थे आरोप
संदीप गाड़ौली के परिजनों ने इस मामले में पुलिस आयुक्त, जेल में बंद गैंगेस्टर बिंदर गुर्जर, तत्कालीन एसीपी-क्राइम, संदीप की प्रेमिका दिव्या पाहुजा व टीम इंचार्ज सहित आठ पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन अब तक चली जांच प्रक्रिया में पुलिस आयुक्त, एसीपी और टीम इंचार्ज व दो सिपाही बाहर हो चुके हैं। एसआईटी ने पांच पुलिसकर्मियों और तीन अन्य को आरोपी बनाया है।