राजीव को डर सताने लगा कि सोनिया इस बात का खुलासा कर सकती है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि 24 नवंबर को राजीव ने पत्नी के बेड पर हाथ-पैर बांध दिए और उसे करंट लगा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद गला भी घोंट दिया।
उसके बाद वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा और करंट लगने की बात बताई। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम को सौंपी गई। इसी बीच 26 नवंबर को पुलिस को पता चला कि राजीव कहीं भाग रहा है। थाना प्रभारी सुरेंद्र संधू की टीम ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में राजीव ने खुलासा किया कि अपनी नौकरी जाने के लिए वह मैनेजर को जिम्मेदार मान रहा था, इसलिए उसकी हत्या करना चाहता था। इसके अलावा एक महिला मित्र, उसके पति, कुछ रिश्तेदारों व एक दोस्त की हत्या करने की साजिश रची थी।