लोगों की गाढ़ी कमाई निवेश कराने के नाम पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले शख्स को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दबोचा है।
आरोपी विजय दीक्षित बोलने की कला और उम्र का फायदा उठाकर बड़े ही आराम से लोगों को बेवकूफ बना देता था।
पुलिस के मुताबिक उसे 30 से अधिक मामलों में विजय तलाश थी। जबकि करीब 12 मामलों में अदालतों ने विजय को भगोड़ा घोषित कर रखा था। विजय की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने 50 हजार रुपये इनाम घोषित किया था।
एक और तहलका: संपादक गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संजय त्यागी और उनकी टीम को विजय के महिपालपुर इलाके के एक फॉर्म हाउस में छिपे होने की खबर मिली थी। जहां छापा मारकर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
पूछताछ में विजय ने बताया कि उसने सोनीपत, हरियाणा में एसबीएल सिटी के नाम से एक प्रोजेक्ट लांच करने को नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए और फरार हो गया।
उसने डिफेंस कालोनी इलाके में प्लॉट बनाने के नाम पर डॉ. मंजुला पाठक को करीब 90 लाख रुपए का चूना लगाया। आरोपी ने सीनियर पॉवर प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी से एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) में निवेश कराने पर हाई रिटर्न देने की बात कर करीब 1.70 करोड़ रुपये ठग लिए, उसके बाद वह फरार हो गया।
छुटकू के कारनामे जान चौंक गई पुलिस
आरोपी ने नोएडा के मॉल में दुकानें दिलवाने के नाम पर भी करोड़ों की ठगी की। लेकन बाद में लोगों को पता चला कि नोएडा आथॉरिटी ने पेमेंट न होने के कारण पूरी डील को रद्द कर दिया।
पुलिस के मुताबिक लोगों को ठगने की शिकायतें मिलने के बाद आरोपी गायब हो गया। गिरफ्तारी के बाद विजय ने खुलासा किया कि वह खुद को बिल्डर, डेवलपर और आर्थिक सलाहकार भी बताता था।