आरडीसी में दो जून को हुई 1.08 करोड़ रुपये की लूट की वारदात में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी अंकित को कविनगर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।
उसके पास से नाइन एमएम की पिस्टल, एक तमंचा, 1.08 करोड़ की लूट में इस्तेमाल आईटेन कार बरामद की है। अंकित डीयू से बीए कर चुका है, वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था और दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा था।
उसका साथी सोनू पुलिस पर फायरिंग करता हुआ कोहरे का फायदा उठाकर भाग गया। एसपी सिटी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि रात करीब सवा बजे अंकित और सोनू कार में डासना की ओर से गाजियाबाद आ रहे थे।
गोविंदपुरम चौकी के पास चेकिंग कर रही पुलिस ने अंकित को कार रोकने के लिए इशारा किया तो उसने बैरियर पर टक्कर मारी और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए कार लेकर डीडीपीएस की ओर भागा।
पुलिस टीम पर कार सवारों ने फायरिंग की। वायरलेस पर इसकी सूचना फ्लैश की गई, गौड होम्स के पास चेकिंग कर रही पुलिस की दूसरी टीम की मदद से कार सवार बदमाशों को डीडीपीएस के पास घेरा।
कविनगर पुलिस ने भी बदमाशों पर फायरिंग कर अंकित को दबोच लिया। दोनों ओर से करीब 14 राउंड फायरिंग की गई। अंकित साहिबाबाद क्षेत्र में भोपुरा का रहने वाला है। उसके पिता राजेश दीक्षित स्क्रैप कारोबारी हैं।
आधी रात फायरिंग से हड़कंप
एक बजकर 15 मिनट पर बदमाशों और पुलिस के बीच एनकाउंटर शुरू हो गया। पांच मिनट तक दोनों ओर से फायरिंग होती रही। एक बजकर 20 मिनट पर अंकित को पुलिस ने दबोच लिया।
पांच मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग से गोविंदपुरम में हड़कंप मचा रहा। पुलिस ने एहतियातन दोनों ओर का ट्रैफिक भी रोक दिया। बदमाश के पकड़े जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रैफिक भी दोबारा चालू कराया गया।
लूट के पैसों से गया तीर्थस्थल
अंकित ने बताया कि आरडीसी में एसएसपी आवास के पास बैंक के सामने हुई लूट की रकम में से उसे तीन लाख रुपये मिले थे। वह इन पैसों से वैष्णो देवी पर घूमने गया था। दिल्ली, मुंबई में भी वह घूमा।
साथियों से मिलने जा रहा थाः एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि अंकित और सोनू उत्तराखंड में रह रहे थे। सोमवार को वह पहाड़ी गैंग के अन्य सदस्यों से मिलने दिल्ली जा रहे थे।
दो लूट में था शामिल
अंकित को हितेंद्र उर्फ छोटू पहाड़ी का सक्रिय सदस्य बताया गया। वह दिल्ली में दो लूट कर चुका है। केशवपुरम में छह जून को उसने 20 लाख रुपये की लूट की थी। बादली दिल्ली में 8 लाख रुपये की लूट में वह शामिल था।
मां बोली- अंकित निर्दोष
अंकित की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां कविनगर थाने पहुंची, बेटे को निर्दोष बताया। पुलिस के मुताबिक, अंकित की दोस्ती अमन पांडे से थी, वह कालोनी में ही रहता था। अमन हितेंद्र उर्फ छोटू पहाड़ी से जुड़ा था।
पुलिस का दावा है कि अमन लूट के पैसों से लग्जरी लाइफ जीता था, इसे देखकर अंकित भी लग्जरी लाइफ जीने के लिए उसके साथ छोटू पहाड़ी गैंग का सक्रिय सदस्य बना।