सेक्टर-9 में प्लॉट के नाम पर 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना सेक्टर-10 पुलिस ने तीन लोगों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-9 निवासी महेश चौहान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 फरवरी 2016 को सेक्टर-9 निवासी राजबाला के मकान का सौदा 1 करोड़ 80 लाख रुपये में किया था। पीड़ित का कहना है कि मकान के कागजात देखने के बाद आरोपी को एडवांस के तौर पर 40 लाख रुपये दिए थे।
30 अप्रैल 2016 को रजिस्ट्री करने की बात कही थी। आरोपियों ने कहा कि मकान की रजिस्ट्री के लिए सभी प्रकार की बकाया देनदारी और एनओसी वह खुद करा कर देंगे। पीड़ित का कहना है कि 29 अप्रैल को आरोपियों ने रजिस्ट्री की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था।
रुपये लेने के बाद नहीं कराई रजिस्ट्री
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- फोटो : अमर उजाला
जिस पर रजिस्ट्री की तिथि 15 जून को तय हुई। इसी बीच आरोपी ने कहा कि उसे और पैसे की जरूरत है। जिसके बाद 45 लाख रुपये आरोपियों ने फिर ले लिए। पीड़ित का कहना है कि 85 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई।
इस बीच जरूरी काम के नाम पर पांच लाख रुपये ले लिए गए। आरोपी बैनामा कराने की समय सीमा बढ़ाने की बात करने लगा। इसी बीच महेश को पता चला कि प्रॉपर्टी पर लोन है। यह बात हुडा से छिपा कर तबादला अनुमति ले ली गई।
इतना ही नहीं, राजबाला के पति नरसिंह ने पत्नी व बेटे के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी से बचने के लिए झूठी शिकायत देकर फंसाने की कोशिश की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने महेश की शिकायत पर राजबाला, उसके पति नर सिंह और बेटे सतबीर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।