दुग्ध उत्पादन एजेंसी में नौकरी करने वाले युवक ने दुकानदारों से रुपये वसूल कर मालिक को नहीं दिए। दबाव पड़ने पर पांच लाख रुपये का चेक दिया। चेक कैश होने के बाद युवक ने बैंककर्मियों से मिलीभगत कर धन फिर अपने खाते में वापस मंगा लिया। एजेंसी मालिक ने युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और बैंक मैनेजर पर साजिश में शामिल होने का केस दर्ज कराया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ओल्ड फरीदाबाद में रहने वाले दीपक गुप्ता की अग्रसेन चौक पर एक दुग्ध उत्पादन कंपनी की एजेंसी है। वह देशी घी के थोक विक्रेता हैं। चार माह पहले ही उन्होंने सेक्टर-19 में रहने वाले ब्रजेश गुप्ता को अपने यहां नौकरी दी थी। उन्होंने ब्रजेश को दुकानदारों से धन वसूलने के काम में लगाया।
दीपक का आरोप है कि ब्रजेश ने दुकानदारों से 8.29 लाख रुपये वसूले लेकिन एजेंसी में जमा नहीं किए। पेमेंट रुकने पर उन्होंने दुकानदारों से तगादा किया। दुकानदारों ने धन ब्रजेश को देने की बात बताई। ब्रजेश से जब रुपये मांगे गए तो उसने व उसकी पत्नी विनीता गुप्ता ने मजबूरी बताते हुए थोड़ा समय मांगा। दोनों के बीच समझौता हो गया। ब्रजेश और उसकी पत्नी विनीता ने उन्हें पांच लाख रुपये का चेक दिया।
उन्होंने चेक बैंक में लगाया तो धन उनके खाते में आ गया। जब वह रुपये निकालने गए तो पता चला कि धन वापस ब्रजेश के खाते में चला गया है। उनका कहना है कि खाते में आया धन गड़बड़ी होने पर होल्ड तो किया जा सकता है। लेकिन वापस नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि बैंक प्रबंधक की मिलीभगत से ऐसा हुआ। ओल्ड थाने के एसआई महेंद्रपाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।