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‘तमंचे पे डिस्को’ में लगी गोली, इंस्पेक्टर बोले-मुठभेड़

Tue, 10 Feb 2015 01:03 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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आबकारी इंस्पेक्टर वरुण कुमार को रविवार देर रात पैर में गोली लग गई। उनका दावा है कि उन्हें एनएच-58 पर एएलटी के नजदीक कार सवार हमलावर ने तब गोली मारी, जब मुखबिर उन्हें शराब तस्कर के बारे में फोन पर जानकारी दे रहा था।
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पुलिस खुलासे में डीजे पर डांस के दौरान तमंचे से चली गोली के कारण उन्हें घायल बता रही है। करीब 20 घंटे बाद सोमवार रात पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया था।

फायरिंग छिपाने को इंस्पेक्टर ने गुडवर्क का नाटक रचा। आबकारी इंस्पेक्टर मोरटा में शादी समारोह में गए थे।

वहां डीजे पर डांस कर रहे संदीप निवासी मोरटा के ड्राइवर पुन्नू के हाथ से गिरे तमंचे से चली गोली उन्हें लगी थी। संदीप को गिरफ्तार कर पिस्टल, दो तमंचे और 57 कारतूस बरामद किए हैं। पुन्नू भागा हुआ है।
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सीओ द्वितीय कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आबकारी इंस्पेक्टर मोरटा में नरेश त्यागी की बेटी के शादी समारोह में गए थे। बारात नासिरपुर से गई थी।

नरेश त्यागी का भतीजा संदीप और उसका ड्राइवर पुन्नू उर्फ पुनीत डीजे पर डांस कर रहे थे। नशे में थे।

हर्ष फायरिंग के दौरान पुन्नू से तमंचा जमीन पर गिरा और गोली चल गई, जो कुर्सी पर बैठे आबकारी निरीक्षक के पैर में लगी। इसके गवाह शादी में मौजूद लोग हैं। संदीप ने पुलिस अभिरक्षा में यह कुबूला है।

आबकारी इंस्पेक्टर की कहानी सुनिए
रविवार रात करीब नौ बजे मैं मोरटा एक शादी समारोह में गया था। वहां से रात 10:20 बजे लौट रहा था। मेरठ रोड पर एएलटी मोड़ के पास पहुंचा तो एक मुखबिर फोन पर अवैध शराब तस्करी की सूचना देने लगा।

मैं कार से उतरकर उससे मोबाइल पर बात करने लगा। इसी दौरान एक कार रुकी और उसमें बैठे अज्ञात व्यक्ति ने फायर किया। गोली मेरे बाएं पैर की पिंडली में लगी। मैं कार का नंबर नहीं देख सका।

मुझे कोलंबिया एशिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। आबकारी इंस्पेक्टर ने यही रिपोर्ट लिखाई है। जिला आबकारी अधिकारी डीएन सिंह ने बताया कि आबकारी निरीक्षक मुखबिर की सूचना पर अवैध शराब से भरा एक ट्रक रोकनेेे को आगे की ओर बढे़।

ट्रक को एस्कार्ट कर रही वैगनआर में सवार व्यक्ति ने आबकारी निरीक्षक पर फायरिंग कर दी। आबकारी निरीक्षक की तहरीर में ट्रक का जिक्र नहीं है।

व्हाट्स एप के जरिये चला पुलिस को पता
एसएचओ ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को न तो आबकारी निरीक्षक ने दी, न ही अस्पताल ने। पुलिस को  व्हाट्स एप से सूचना मिली। आबकारी निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में खुलासा हुआ कि वह झूठ बोल रहे हैं।

दिनभर चलते रहे विरोधाभासी बयान
मामले में दिनभर विरोधाभासी बयान चलते रहे। आबकारी इंस्पेक्टर और पुलिस अपने-अपने दावे करते रहे। आखिरकार रात को पुलिस ने हिरासत में लिए गए संदीप की गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप किया।
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डीएम ने सौंपी सीडीओ को जांच
इस संबंध में आबकारी अधिकारी डीएम से भी मिले। विरोधाभासी बयान होने की वजह से सच्चाई सामने लाने को डीएम ने सीडीओ को जांच सौंपी है।
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