फेज-3 कोतवाली क्षेत्र के छिजारसी में एक दुकानदार मनी ट्रांसफर के नाम पर करीब 250 लोगों के लाखों रुपये ले उड़ा। पीड़ितों की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीओ अरविंद यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद से कुछ कर्मचारियों को 1000 और 500 रुपये के नोट कंपनियों द्वारा दिए गए थे।
चूंकि उक्त लोगों के अकाउंट नहीं थे और उन्हें हर माह अपने माता-पिता तथा बच्चों को पैसा भेजना होता था, इसलिए छिजारसी स्थित मनी ट्रांसफर विशाल कम्युनिकेशन के मालिक अनिरुद्ध से संपर्क किया। चूंकि हर बार उसी से रुपये घर भेजते थे। इस बार दो-तीन माह की तनख्वाह कंपनी मालिकों ने दे दी।
यह समस्या जब अनिरुद्ध के सामने रखी तो उसने आश्वासन दिया कि वह अपने अकाउंट में रुपये जमा कर लेगा, मगर उसे ट्रांसफर करने की एवज में कुछ रुपये लेगा। इस पर श्रमिक राजी हो गए और एक के बाद एक करीब 250 लोगों ने दो हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक जमा कर दिए। उसने एक सप्ताह का समय दिया था और जब सोमवार को सभी लोगों के अकाउंट में रुपये नहीं पहुंचे तो वह मनी ट्रांसफर की दुकान पर पहुंचे तो पता चला कि दुकान बंद है। दो दिन तक जब दुकान नहीं खुली तो आसपास के लोगों से पूछा। श्रमिकों को पता चला कि दुकानदार भाग गया है।