शहर में रहने वाले लोग इस बात को लेकर असमंजस में पड़े हुए हैं कि, 10 रुपये के सिक्के वैध है या नहीं। कुछ स्थानीय दुकानदार 10 रुपये के सिक्के को अवैध मानते हुए लेने से मना कर देते हैं, तो बैंकों के अधिकारियों का कहना है कि दस के सिक्कों पर कोई रोक नहीं है, तथा ये पूरी तरह से व्यवहार में चल रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बीते दिनों यह अफवाह फैलाई थी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) द्वारा 10 रुपए का सिक्का अमान्य घोषित कर दिया गया है। अधिकांश खुदरा दुकानदारों नें तो इन्हें पहले से ही चलन से बाहर कर रखा था।
वहीं बैंक अधिकारी कहते हैं कि आरबीआई ने 10 रुपये के प्रतिबन्ध के बारे में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। यदि कोई भी वयक्ति इसे मानने से इंकार करता है तो उसके ऊपर कानूनी रूप से आईपीसी की धारा 489-ए से 489-ई के तहत मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
बड़े व्यापारी नहीं ले रहे दस रुपये का सिक्का
सोशल मीडिया
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जानकारी के अनुसार शहर के कुछ क्षेत्रों में खुदरा दुकानदार व रेहड़ी खोमचे वाले 10 रूपये के सिक्के को लेने से मना कर रहे हैं। मामले पर अमर उजाला ने जांच की तो यह बात सामने आई कि अधिकांश लोग 10 के सिक्कों को लेने से मना कर देते हैं। खुदरा दुकानदारों का अपना तर्क है कि, आगे बड़े व्यापारी इन्हें नहीं ले रहे हैं।
यहां पर छोटे ही नहीं बड़े दुकानदार भी 10 रुपये के सिक्कों को स्वीकार करने से मना कर देते हैं। अगर आपके पास कोई सामान खरीदने के लिए 10 रूपए के सिक्के हैं तो वे सामान बेचने से मना कर देते हैं और आप उनके साथ बहस भी नहीं कर सकते हैं।
-मनोज कुमार, निवासी रेलवे रोड, पलवल।
हमें तो 10 रुपये का सिक्का लेने में कोई ऐतराज नहीं था। लेकिन जब बड़े दुकानदारों ने लेने से मना कर दिया तो हमें भी मजबूरी में लेने से मना करना पड रहा है। मेरे पास 10-10 के 500 से अधिक सिक्के हैं, जिन्हें कोई नहीं ले रहा है।
-कालू, चाय की दुकान के संचालक।
10 के सिक्कों पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं हैं, ये पूरी तरह से चलन में हैं उनके बैंक में भी इनका लेन-देन किया जा रहा है। इसलिए किसी भी छोटे या बड़े व्यापारी को अफवाहों में नहीं आना चाहिए।
-डालचंद, मैनेजर, एसबीआई, पलवल।