दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ ने चार हाइटेक चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोतीगंज, मेरठ के आबिद गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। गिरोह के सदस्य ऑन डिमांड महंगी व अत्याधुनिक तकनीक से लैस कारों को कुछ ही मिनटों में चुरा लेते थे। इन्होंने मेरठ, यूपी में वर्कशॉप बना रखी थी। इस वर्कशॉप में अत्याधुनिक कारों को चुराने की ट्रेनिंग लेते थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी की आठ कारें बरामद की हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी रोमिल बानिया के मुताबिक स्पेशल स्टाफ में तैनात हवलदार विनोद कुमार को सूचना मिली थी कि तीन वाहन चोर होंडा सिटी कार की डिलेवरी लेने बत्रा अस्पताल के पास आएंगे। तुरंत एसीपी केपी सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार, एसआई अजय कटेवा व परवेज कसाना की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घेराबंदी कर 12 जून को तीन वाहन चोर दिल्ली रोड सोतीगंज, मेरठ यूपी निवासी ग्यास मोहम्मद उर्फ मोनू (26), कुम्हार वाली गली सोतीगंज, मेरठ यूपी निवासी अकबर उर्फ बब्बू (50) और आम्रा मस्जिद, हमदर्द नगर, जमालपुर, अलीगढ़ यूपी निवासी नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया।
होंडा सिटी कार पटेल नगर से चोरी हुई थी। ग्यास मोहम्मद व नूर हसन ने बताया कि वह दिल्ली व एनसीआर में वाहन चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। वह चोरी के वाहनों को दिल्ली, मेरठ और अलीगढ़ में पार्क कर देते थे। इन्होंने बताया कि चोरी की दो कार गोहना, सोनीपत हरियाणा निवासी ललित कुमार उर्फ सन्नी उपु सुमित खुराना को बेची थी। इसके बाद 15 जून को ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
उसके कब्जे से चोरी की होंडा सिटी कार व इनोवा बरामद की गईं। आरोपी डिमांड पर कारें चुराते थे और बेचते थे। ये कार चोरी करने के लिए ईसीएम साथ लेकर चलते थे। ये डुप्लीकेट चाबी से भी कारें चुराते थे। अगर इन्हें चोरी की कार को खरीदने वाला नहीं मिलता था तो ये आबिद को दे देते थे। आबिद चोरी की कार के कागजात बनाकर बेच देता था। ग्यास मोहम्मद 13 भाई-बहन हैं। ग्यास व अकबर आपस में रिश्तेदार हैं।