बीमारी का बहाना बनाकर गुरुग्राम से सवारी बनकर बैठे चार बदमाशों ने ओला कैब चालक के साथ मारपीट कर उससे गाड़ी लूट ली। बाद में चालक के हाथ-पैर बांधकर उसे झाड़ियों में फेंक कर फरार हो गए। शोर मचाने पर आरोपियों ने उसे पिस्तौल दिखाकर गोली मारने की बात कही। घटना सोमवार आधी रात 12 बजे के बाद की है। थाना सारन पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नोएडा निवासी दिलीप ओला टैक्सी चलाता है। सोमवार को वह एक सवारी को छोड़ने के लिए गुरुग्राम आया था। रात को करीब 12.30 बजे वह वापस जा रहा था तो उसे चार युवक मिले। उन्होंने उसे रोक कर कहा कि उनके एक साथी की तबियत खराब है, पेट में बहुत दर्द हो रहा है।
वह उसे फरीदाबाद अस्पताल ले चले। दिलीप ने उन युवकों को मना कर दिया कि वह 12 बजे के बाद सवारी नहीं बैठाता है और फिर उन्होंने तो कोई बुकिंग भी नहीं करवाई है। बिना बुकिंग वह उन्हें नहीं ले जा सकता है। आरोपियों ने उससे कहा कि उन्हें फोन पर बुकिंग कैसे होती है, इसकी जानकारी नहीं है। वह उन्हें बैठा ले और जितने पैसे मांगेगा वह उसे दे देंगे। दिलीप को लालच आ गया और उसने चारों को गाड़ी में बैठा लिया।
जब वे लोग फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर हनुमान मंदिर से थोड़ा पहले पहुंचे तो उनमें से एक ने कहा कि उसे लघुशंका आई है और वह दो मिनट गाड़ी साइड में रोक दे। दिलीप ने गाड़ी रोक दी।
लघुशंका के बाद आरोपियों ने उससे हाथ धोने के लिए पानी मांगा और फिर उसे कार से नीचे उतार लिया। चारों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने उसका मोबाइल फोन सड़क पर पटक कर तोड़ दिया और पर्स आदि सामान लूट लिया। चारों ने उसके हाथ पैर बांध कर उसे सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। आरोपियों ने उसे पिस्तौल दिखाकर शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी और गाड़ी लेकर फरार हो गए।
बदमाशों के जाने के थोड़ी देर बाद दिलीप जैसे तैसे अपने हाथ पांव खोलकर सड़क पर आया। इस दौरान उसने वहां से गुजर रहे एक टैक्सी चालक को रोककर उससे मदद मांगी और उसके फोन से पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी।
मौके पर पहुंची थाना सारन के अंतर्गत डबुआ कॉलोनी चौकी पुलिस जांच पड़ताल के बाद उसे अपने साथ ले गई। मामले की जांच कर रहे एएसआई श्रीभगवान ने बताया कि लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात को सुलझाने में क्राइम ब्रांच की भी मदद ली जा रही है।