प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा है कि एनआरएचएम घोटाले से उनका कोई लेना देना नहीं है। उनसे परिवार कल्याण मंत्रालय से इस्तीफा इसलिए लिया गया था क्योंकि उनके विभाग में दो डॉक्टर की हत्या हो गई थी।
जब उन्होंने डॉक्टरों के हत्यारों को पकड़वाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री से कहा तब उनकी ओर से एनआरएचएम के झूठे आरोप लगाकर सीबीआई के माध्यम से जेल भिजवा दिया गया।
रविवार को वह सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन जन अधिकार मंच उत्तर प्रदेश की ओर से किया गया था। जन अधिकार मंच के संस्थापक व प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुश्वाहा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौरान की केंद्रीय सरकार मजबूर सरकार थी जिसको बसपा का समर्थन प्राप्त था।
वहीं एनआरएचएम मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा कि उस समय उनके पास कोई भी पावर नहीं था, सभी पावर डायरेक्टर मिशन और तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के पास थे।उन्होंने कहा कि, हत्या किसी भी तरह के जुर्म से बड़ा जुर्म है और आज तक उन डॉक्टरों के हत्यारों नहीं पकड़े गए हैं। कार्यक्रम में रामसनेही ओमरे, राजेंद्र पाल, विरेंद्र प्रजापति, अमरेश मौर्य समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।