हाईकोर्ट ने नोटबंदी के बाद धन शोधन के मामले में गिरफ्तार विवादास्पद वकील रोहित टंडन की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने अपने फैसले में कहा कि अभी मामले की जांच लंबित है और याची मामले को प्रभावित कर सकता है।
इससे पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टंडन की याचिका का विरोध किया था। निचली अदालत ने सात जनवरी को टंडन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। टंडन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने तर्क रखा कि इस मामले में सभी सबूत दस्तावेजी हैं। उन्होंने कहा अब उनके मुवक्किल को हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
नोटबंदी के बाद अवैध रूप से 60 करोड़ रुपये के नोट बदलवाने में कथित तौर पर शामिल टंडन को निचली अदालत ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था कि अगर उसे जमानत मिली तो वह अभियोजक पक्ष के गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
टंडन के अलावा कोलकाता स्थित उद्योगपति पारस एम लोढा और कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंधक आशीष कुमार को धन शोधन निवारण कानून के तहत अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।