दनकौर में पूर्व प्रबंधक मनमोहन चौधरी हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी शार्प शूटर हैं। इनके पास से तीन तमंचे और दो बाइक भी बरामद की गई हैं।
उधर, पुलिस के इस खुलासे से परिजन संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने कई सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि कत्ल की वजह साफ होनी चाहिए और ये भी पता चले कि पकड़े गए आरोपी ही असली कातिल हैं, या नहीं। हालांकि, इस खुलासे के बाद एसएसपी के आश्वासन पर व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली है।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि नौ मई को पूर्व प्रबंधक और व्यापारी मनमोहन चौधरी की हत्या के पीछे चार बीघा जमीन और रंगदारी का मामला था।
पांच दिन के बाद पुलिस ने बागपुर निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ सिंकू, टीला गांव निवासी प्रवीण शर्मा और बुलंदशहर के इस्माइला गांव निवासी अमित को दनकौर के खैरली से गिरफ्तार किया है। इनके अलावा हत्या में बागपुर का ही पवन, दनकौर के ठसराना निवासी राहुल शामिल थे, जिनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी दो बाइकों पर दनकौर बाजार गए थे। पवन ने अपने साथियों को अलग-अलग ठिकानों पर खड़ा किया था। इसके बाद पवन और प्रवीण मनमोहन के पास पहुंचे, उनसे राम-राम की और फिर गोलियां दाग दीं। आरोपी घटना स्थल से फरार हो गए, लेकिन आसपास के इलाकों में ही बाइक पर घूमते रहे।
पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने गाड़ियों पर प्रेस लिख लिया था। एसपी ने बताया कि हत्या की मुख्य वजह चार बीघा जमीन ही थी। एक कुख्यात बदमाश ने जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम कराई थी और वह उसे कब्जा करना चाह रहा था। उसी के इशारे पर ट्यूबवेल और बाउंड्रीवाल को ढहाया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी पवन एक अन्य व्यक्ति से रंगदारी मांग रहा था, मनमोहन यहां भी उसके रास्ते में आ गए थे। मनमोहन के कत्ल की यही वजह रही।
दुजाना ने जेल में लिखी थी हत्या की स्क्रिप्ट
मनमोहन हत्याकांड के खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि इस कत्ल की स्क्रिप्ट जेल में अनिल दुजाना ने लिखी थी। बताया जा रहा है कि दनकौर के इलाके में कुछ ऐसे बदमाश हैं, जो अपने चेलों से रंगदारी वसूल करवाते थे। लेकिन, अक्सर ऐसे मामले में पूर्व प्रबंधक मनमोहन बीच में आ जाते थे। इसी वजह से वो लगातार यहां के बदमाशों के आंखों की किरकिरी बन गए थे। मनमोहन बदमाशों की शह पर अपराधों के दलदल में चले आए युवाओं को कई बार हड़का भी देते थे। बताया जा रहा है कि हत्याकांड को अंजाम देने से पहले दो आरोपियों ने जेल में अनिल दुजाना से मुलाकात की।
गिरफ्त से बाहर है गोलियां दागने वाला पवन
पूर्व प्रबंधक मनमोहन की हत्या में शामिल आरोपी शार्प शूटर हैं। एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि पवन नागर अपने ही गांव के ग्राम प्रधान की हत्या के आरोप में जेल गया था और पुलिस रिकॉर्ड में उसकी ये दूसरी हत्या है। इसके अलावा सिंकू और प्रवीण शर्मा ने कई हत्याओं को करना कबूल किया है, लेकिन आज तक उन पर हत्या का केस दर्ज नहीं किया गया है, मनमोहन की हत्या का पहला मामला है। उधर, मनमोहन को गोली मारने वाला पवन अभी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि करीब 10-15 लोगों का नाम इस हत्याकांड से जुड़ रहा है और जल्द ही वह भी गिरफ्त में होंगे।
खुल गए बाजार
नौ मई को मनमोहन की हत्या के बाद व्यापारियों ने थाने पर जमकर हंगामा किया और वाहनों में आग भी लगा दी थी। पुलिस ने एक हजार लोगों पर मामला दर्ज किया था। बुधवार को हत्याकांड का खुलासा हो गया था, लेकिन व्यापारियों ने दोपहर तक बाजार बंद रखा। दोपहर में एसएसपी ने व्यापारियों से वार्ता की। व्यापारियों ने मांग की कि जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है उन्हें गिरफ्तार न किया जाए। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने फोन पर सरकारी नुमाइंदों से बात की। आश्वासन मिलने पर बाजार खोल दिया गया। 18 मई को एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने भी जाएगा।