मथुरा में हुई हिंसा के बाद गौतमबुद्ध नगर के नवनियुक्त एसएसपी धर्मेंद्र यादव ने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सुनियोजित व कुशल (टैक्टफुल) ट्रेनिंग देने की बात कही है। एसएसपी का दावा है कि वह जिले में ऐसी व्यवस्था बनाने जा रहे हैं।
जिससे हर मोर्चे पर पुलिसकर्मी बदमाशों व उपद्रवियों को मुंह तोड़ जवाब दे सकें। उन्होंने कहा कि जिले में फायरिंग रेंज बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मालूम हो कि जिले में एक भी फायरिंग रेंज नहीं है।
जिससे पुलिसकर्मी व पुलिस अधिकारियों को फायरिंग प्रेक्टिस करने मथुरा या सहारनपुर जाना पड़ता है। एसएसपी ने बताया कि कई बार यह मुमकिन नहीं होता है कि यहां से सभी पुलिसकर्मी मथुरा व सहारनपुर जाकर फायरिंग रेंज में प्रैक्टिस कर सकें।
वहीं दादरी में मारे गए सब इंस्पेक्टर अख्तर खान की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि उक्त घटना में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, उनकी गलती से अख्तर खां की जान गई।
तो पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि हाल-फिलहाल में जिले में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिसमें किसी घटना पर अंकुश लगाने पहुंचे पुलिसकर्मियों को बदमाशों के डर से उल्टे पैर भागना पड़ा हो। कई बार पुलिसकर्मियों पर फायरिंग भी गई जिसमें आज तक उक्त घटना को अंजाम देने वाले बदमाश नहीं गिरफ्तार किए गए।
पुलिस कप्तान ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी पुलिसकर्मी किसी कार्रवाई के दौरान पीछे हटा या भागा तो उसके खिलाफ फौरन कार्रवाई होगी। साथ ही साथ उक्त पुलिसकर्मी जिस भी थाने में तैनात होगा, उस थाने के प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
थाना प्रभारियों को 7 जून तक का अल्टीमेटम
नवनियुक्त एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को सात दिन की मोहलत दी है। उन्होंने कहा कि 7 जून तक वह किसी भी थाने का निरीक्षण नहीं करने जाएंगे बल्कि ऑफिस सेे ही मॉनिटर करते रहेंगे। अगर इस दौरान पाया गया कि कोई भी थाना चलाने के लायक नहीं है तो उसे 7 जून के बाद फौरन हटा दिया जाएगा। उपयुक्त थाना प्रभारी को चार्ज दिया जाएगा।