गांव पलवली में सोमवार शाम एक निर्माणाधीन भवन के पास लगे पेड़ के विषाक्त फल खाने से 9 बच्चों की तबियत खराब हो गई। उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर परिजनों ने बच्चों को बीके सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।
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इनमें से 4 की हालत नाजुक होने पर उन्हें दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि 5 बच्चे बीके अस्पताल में भर्ती हैं। बच्चों की हालत में अब सुधार है। गांव पलवली के पास एक निर्माणाधीन भवन में मजदूरी करने वाले रोबिगुल मियां ने बताया कि सोमवार शाम को वे लोग काम पर थे।
बच्चों को उल्टियां और चक्कर आए
पलवली गांव के पास बच्चो ने विषेला फल खाने पर बिगड़ी तबीयत से सिविल अस्पताल में उपचाराधीन ।
- फोटो : अमर उजाला
उनके बच्चे स्कूल से आने के बाद घर के पास ही खेल रहे थे। इस दौरान एक बच्चे ने आकर उन्हें बताया कि उसके साथ खेल रहे सात-आठ बच्चों ने एक पेड़ पर लगे फल खा लिए, जिसके बाद उनकी हालत खराब हो गई और सब को उल्टियां हो रही हैं।
वे लोग वहां पहुंचे तो देखा कि रोबिगुल के बच्चे अली, रूहुल, अरुणिका के अलावा नोबिर हुसैन की बेटियां जैसमीन, मोपिया, कातिक जादुल की बेटी तितली, उबायदुल का बेटा राहुल, बेटी रीमा व आजाद की बेटी जमीना उल्टियां कर रहीं हैं और उन्हें चक्कर आ रहे हैं।
जिन्होंने ज्यादा फल नहीं खाए थे वो बच्चे ठीक हैं
पलवली गांव के पास बच्चो ने विषेला फल खाने पर बिगड़ी तबीयत से सिविल अस्पताल में उपचाराधीन ।
- फोटो : अमर उजाला
इनके अलावा भी कुछ बच्चे थे, जिन्होंने ज्यादा फल नहीं खाए थे, इसलिए उनकी तबियत ठीक थी। वे लोग बच्चों को लेकर बीके सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया।
इस दौरान रूहुल, राहुल, अली व जमीना की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि बीके अस्पताल में भर्ती तितली, जैसमीन, मोपिया, रीमा व अरुणिका की हालत ठीक है।
पलवली गांव के पास बच्चो ने विषेला फल खाने पर बिगड़ी तबीयत से सिविल अस्पताल में उपचाराधीन ।
- फोटो : अमर उजाला
फल खाने के बाद बच्चों को उल्टी होने की शिकायत पर अस्पताल के आपातकालीन विभाग मे भर्ती कराया गया था। फिलहाल 5 बच्चों की हालत में सुधार है, हालत में सुधार होने पर इन्हें मंगलवार शाम को छुट्टी दे दी जाएगी। 4 बच्चों की हालत नाजुक होने के कारण सफदरजंग रेफर कर दिया गया है। - डॉ. विकास शर्मा, आरएमओ, बीके सिविल अस्पताल