रोशनआरा ने दो दिन तक मासूम की हत्या करने की बात को छुपाए रखा। यहां तक कि जिस बेड में उसने शव को छुपाया था, उसी पर वह दो दिन तक सोती भी रही। उसने शव को मौका मिलते ही ठिकाने लगाने की नियत से छुपाया था या शव को बेड में छुपाने की कोई और वजह थी।
पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है। मासूम आसना की मौत के बाद उसकी मां फिरदौस का रोते-रोते बुरा हाल है। मासूम आसना के पिता फिरोज आलम ने बताया कि बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पूरा परिवार उसकी तलाश में जुटा हुआ था, लेकिन रोशन आरा अपने बेड पर ही बैठी हुई थी।
उस समय किसी को कुछ शक नहीं हुआ। देर रात को उनकी गली में तीन-चार अज्ञात युवकों को खड़े देखा गया था। फिरोज को देखते ही आरोपी वहां से चले गए। फिरोज ने आशंका जताई है कि रोशनआरा ने ही उन लड़कों को शव को ठिकाने लगाने के लिए बुलाया था।
इधर, हत्या के अगले ही दिन रोशनआरा के माता-पिता खुर्शीदा और नफीस उसके घर पहुंच गए। उनके अचानक आने की क्या वजह थी। क्या रोशनआरा ने अपने माता-पिता को बच्ची की हत्या की जानकारी दे दी थी। पुलिस रोशनआरा के अलावा बाकी लोगों से भी पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
दूसरे दिन शव से दुर्गंध आने पर खुला राज
मृतक बच्ची आसना
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल गोकलपुरी इलाके में एक बेरहम चाची ने इंसानियत की सारी हदें पार कर तीन साल की मासूम बच्ची की हत्या कर शव डबल बेड में छुपा दिया। परिवार बच्ची की तलाश करता रहा लेकिन दूसरे दिन शव से दुर्गंध आने पर आरोपी चाची का राज खुला। मासूम की पहचान आसना (3) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी चाची रोशनआरा (22) को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक आसना परिवार के साथ इंद्रा विहार, मुस्तफाबाद में रहती थी। इसके परिवार में पिता फिरोज आलम, मां फिरदौस और पांच साल का भाई अरमान है। दो मंजिल के मकान में फिरोज के माता-पिता के अलावा बड़े भाई मेहताब व छोटे भाई आफताब आलम का भी परिवार रहता है। रोशनआरा आफताब की पत्नी है। उसकी आठ माह की बच्ची अलीशा भी है।
शादी के बाद से रोशनआरा का शक था कि आफताब व फिरदौस के बीच अवैध संबंध है। इसको लेकर अक्सर रोशनआरा का फिरदौस से झगड़ा होता था। मंगलवार दोपहर को फिरदौस अपनी सास जरीना के साथ बाजार जाते वक्त आसना को उसकी चाची रोशन आरा के पास छोड़ गई।
बेड़ के अगले हिस्सी में सड़ी अवस्था में मिली लाश
हत्यारोपी चाची रोशनआरा
- फोटो : अमर उजाला
करीब चार बजे जब वह वापस लौटी तो उसने आसना के बारे में पूछा। रोशन आरा ने बताया कि उसने 10 रुपये देकर उसे चीज लेने भेजा था। परिवार आसना की तलाश करता रहा। रात आठ बजे गोकलपुरी थाने में आसना की गुमशुदगी दर्ज करा दी गई।
इधर, पुलिस भी उसकी तलाश में जुट गई। अगले दिन रोशनआरा के माता-पिता खुर्शीदा और नफीस उसके घर पहुंचे। बुधवार देर रात को खुर्शीदा व नफीस रोशनआरा के कमरे में बैठे हुए थे। उन्हें कमरे से दुर्गंध आई तो रोशन आरा ने कूलर से दुर्गंध आने का बहाना बनाया।
इस बीच फिरोज भी वहां आ गया। छानबीन के दौरान बेड को जब खोला गया तो उसके अगले हिस्से से सड़ी अवस्था में आसना की लाश मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी रोशनआरा ने पुलिस को बताया कि उसने फिरदौस के जाने के बाद दस रुपये का लालच देकर मासूम को अपने कमरे में बुलाया। जब मासूम सो गई तो उसने चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। बाद में उसके शव को बेड के अंदर छुपा दिया। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में रोशन आरा के अलावा कोई और तो शामिल नहीं है।