सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने नवजात को अपना न मानते हुए हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि उनका बच्चा बदल दिया गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि परिजनों ने बाल रोग विशेषज्ञ को जान से मारने की धमकी दी है। मामला बुधवार देर शाम का है। हालांकि बाद में समझाने बुझाने पर परिजन शांत हो गए और शव को अपने साथ ले गए।
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक सलारपुर निवासी आरती (30) को बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल में भर्ती किया गया था। देर शाम उसकी ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। उसे बेटा हुआ था। जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बच्चे को अपना न मानते हुए बच्चा बदलने का आरोप लगाया और शव को लेने से इनकार कर दिया।
चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि आरती अपना चेकअप अस्पताल में ही करा रही थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने अल्ट्रासाउंड के बाद उसे बता दिया था कि बच्चे की किडनी समेत तमाम अंग खराब हैं। उसे बचाना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि आरती ने बताया था कि पहले नेपाल में दो बार ऑपरेशन से ही डिलीवरी हुई थी। उसके दो बेटियां हैं।
आरती के पति मुकेश कुमार झा ने बताया कि वह एक एक्सपोर्ट कंपनी में काम करता है। पत्नी ने उसे इस बात की जानकारी नहीं दी थी कि डॉक्टर ने बच्चे के अंगों में खराबी और उसके नहीं बचने की बात पहले नहीं बताई थी। भ्रम के कारण छोटे भाई सितेश ने हंगामा किया था। उसने बृहस्पतिवार सुबह डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन से भाई की ओर से माफी भी मांग ली।