एनआइटी-5 में रेलवे रोड स्थित बांके बिहारी मंदिर के पास शुक्रवार दोपहर दिनदहाड़े कार सवार बदमाशों ने 9 वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लिया। बच्चे के दादा गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के मालिक डॉ. नरेश त्रेहान के निजी सचिव बताए गए हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त ने मौके का मुआयना किया। गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में कार्यरत कृष्णलाल सहगल परिवार के साथ एनआइटी-5 के मकान नंबर-बी/67 में रहते हैं।
उनके बेटे पंकज सहगल का अजरौंदा चौक के पास सहगल ऑटोमोबाइल्स के नाम से हीरो मोटरसाइकिल का शोरूम है। पंकज का छोटा बेटा युवराज(9) सेक्टर-21 के मानव रचना स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता है।
स्कूल जाते वक्त हुई किडनैपिंग
बताया गया है कि युवराज को घर की गली के बाहर रोजाना स्कूल बस छोड़ती है। शुक्रवार दोपहर ढाई बजे वह स्कूल से आया तो गली के बाहर से उसकी दादी चंपा सहगल पैदल ही उसे अपने साथ घर तक ला रही थीं।
इसी दौरान उनके पीछे से एक मारुति-800 कार आई, उसमें बैठे एक युवक ने चंपा सहगल से पता पूछा। तभी कार का दरवाजा खुला और अंदर बैठे युवक ने फिल्मी स्टाइल में युवराज को अंदर खींच लिया।
दादी चंपा ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी आंख में मिर्च झोंक दी और धक्का देकर फरार हो गए। घर के माली व घटना के प्रत्यक्षदर्शी राम प्रसाद ने बताया कि शोर सुनकर वह बाहर आया तो चंपा सहगल चिल्ला रही थीं कि बच्चे को ले गए।
आंखों में पड़ी मिर्ची ही साफ करती रह गई दादी
उसने चंपा के चेहरे से मिर्च साफ की और युवराज के बड़े भाई ने अपनी कार से बदमाशों का पीछा किया। राम प्रसाद के मुताबिक, उसने सेक्टर-21 तक जाकर देखा, लेकिन बदमाशों का कुछ पता नहीं लगा।
मामला हाइप्रोफाइल होने के कारण पुलिस आयुक्त एएस चावला खुद भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेटिंग कर दी। लेकिन अपहरणकर्ताओं का कुछ पता नहीं चला।
पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। इस बारे में समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हो पाया था। पुलिस अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज
जहां से अपहरण हुआ वह गली आगे जा कर खुली हुई थी, जिससे बदमाश आसानी से फरार हो गए। कॉलोनी में घटनास्थल से थोड़ी दूर लगे एक सीसीटीवी की फुटेज को पुलिस ने खंगाला है।
सहगल के पड़ोसियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से एक मारुति कार आसपास घूम रही थी, लेकिन किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। क्योंकि आसपास कई जगह कंस्ट्रक्शन का कार्य चल रहा है, जिससे वहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
बदमाशों द्वारा बच्चे की दादी की आंखों में मिर्च झोंकने के कारण वह अपहरणकर्ताओं की संख्या व गाड़ी का नंबर नहीं देख पाईं। बताया गया है कि चंपा के मुताबिक गाड़ी के आखिरी दो नंबर 21 थे। पुलिस अब इसी से सुराग लगाएगी।