नई दिल्ली में डेढ़ साल के मासूम को इमारत की दूसरी मंजिल से फेंकने के मामले में अदालत ने दोषी पिता को पांच साल कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने बच्चे की मौत के मामले में पिता को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई। उत्तर पूर्वी जिले के थाना न्यू उस्मानपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
कड़कड़डूमा अदालत के जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन ने मूल रूप से इटावा निवासी हरिओम को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि उसने बच्चे को पत्नी से हुए झगड़े के बाद गुस्से में आकर फेंका था।
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अभियोजन के मुताबिक हरि ओम की पत्नी आरती ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसके पति ने 22 अप्रैल 2013 उनके बेटे को उसकी बहन के घर की दूसरी मंजिल से फेंककर मार दिया है।
आरती ने अपने पति की धमकियों से डरकर बहन के घर शरण ले रखी थी। पुलिस को आरती ने बताया कि हरिओम उसके चरित्र पर शक करता था और शराब पीकर उसे पीटता था।