दिल्ली के शाहदरा में शुक्रवार रात दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने कार सवारों पर गोलियां बरसा दीं। जवाब में कार सवारों ने भी गोलियां चलाईं। हमले में कार सवार गांव ओसिक्ता, बड़ौत, जिला बागपत निवासी शाकिर अली (45) की मौत हो गई जबकि पसोंडा गांव लोनी निवासी कामिल (30) और अनीस (35) गोली लगने से घायल हो गए।
कामिल के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे गोली चलाकर फरार हो गए। शुरुआती जांच के बाद पुलिस हत्या का कारण आपसी रंजिश बता रही है।
पुलिस के मुताबिक, शाकिर अली परिवार के साथ गांव ओसिक्ता में ही रहता था। परिवार में मां, तीन भाई सम्मून, अमजद और इरशाद हैं। शाकिर का जीजा मौसम (पूर्व प्रधान पसोंडा) लोनी के पसोंडा गांव में रहता है। शुक्रवार को शाकिर जीजा के पास किसी काम से आया था। पसोंडा से वह भांजे कामिल (30) और एक जानकार अनीस (35) के साथ कार से दिल्ली के कृष्णा नगर आया था।
पुलिस कर्मियों ने भी बदमाशों को रोकने के लिए चलाई गोली
यहां से वापस लौटते समय शाहदरा स्थित श्यामलाल कॉलेज के पास बाइक सवार बदमाशों ने कार पर हमला कर दिया। बदमाशों ने कार पर करीब दस गोलियां चलाईं। कार सवारों ने चार से पांच गोलियां चला दीं। इधर, गोलियों की आवाज सुनकर पास में ही पीसीआर में मौजूद पुलिस कर्मियों ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर भी गोली चला दी।
पुलिस ने भी जवाब में एक गोली चलाई। इस बीच बदमाश भीड़ का फायदा उठाकर भाग गए। घायल शाकिर और कामिल को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां शाकिर को मृत घोषित कर दिया गया।
भांजे पर हत्या करवाने का आरोप
शाकिर के भाई सम्मून ने भांजे कामिल पर हत्या का आरोप लगाया है। सम्मून का आरोप है कि शुक्रवार शाम को कामिल शाकिर को गांव से बुलाकर ले गया था। पूरा जाल उसी का बुना हुआ है। दूसरी ओर मौसम के रिश्तेदार यासीन ने बताया कि उनके परिवार की पसोंडा गांव के कुछ लोगों रंजिश चल रही थी। इसी वजह से तीनों पर जानलेवा हमला हुआ।
उत्तर-पूर्वी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आरएस सागर के मुताबिक हत्या व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। परिवार से पूछताछ करके मामले की जांच की जा रही है।