नोएडा में अपराध संख्या कम दिखाने के लिए सेक्टर-58 पुलिस किस हद तक जा सकती है इसका एक ताजा उदाहरण प्रकाश में आया है। अब युवती की हत्या जैसे संगीन अपराधों में भी पांच माह बाद मामला दर्ज हो पाया है।
वह भी तब जबकि आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसएसपी ने मामले में संज्ञान लेते हुए लापरवाही और रिपोर्ट दर्ज न करने की जांच कराने का निर्देश दिया है।
सेक्टर-58 थाना क्षेत्र ममूरा में 31 अगस्त 2013 को सतीश चौहान के मकान में किराए पर रहने आई एक लड़की की लाश मिली थी। युवती एक दिन पहले ही एक लड़के के साथ किराए पर रहने के लिए आई थी। इस दौरान उसके साथ आया लड़का फरार हो गया था।
कमरे में बदबू आने पर पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस को जानकारी दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की गला दबाकर हत्या होना बताया गया था। युवती की हत्या और उसकी शिनाख्त न होने जैसा संगीन मामला होने पर भी पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की थी।
मकान मालिक ने बिना पहचान कराए किराए पर कमरा दे दिया था। हत्या के अगले दिन अंदाजा लगाया जा रहा था कि लड़का-लड़की बिहार से आए थे। वहीं, पुलिस ने लड़के की भी शिनाख्त कराने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। समीक्षा बैठक में सीओ सेकेंड विश्वजीत श्रीवास्तव ने मामला संज्ञान में आने के बाद अभी हाल में ही मामला दर्ज कराया।