दिल्ली के आनंद विहार आईएसबीटी पर परांठे खिलाने के बाद दुकानदार ने जब दो किशोरों से पैसे मांगे तो उन्होंने चाकुओं से हमला कर दिया। ताराचंद (22) को बेहद गंभीर हालत में एलबीएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों ने करोल बाग निवासी किशोरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मधु विहार थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से गांव मिरीवती, गिन्नौर, जिला बदायूं निवासी ताराचंद भाई लीलाधर (20) के साथ भवापुर, कौशांबी में रहते हैं।
दोनों आनंद विहार आईएसबीटी पर परांठे की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार रात को दोनों दुकान पर थे। ताराचंद का नौकर रामहरीश परांठे बना रहा था। इस बीच दो लड़के नशे में परांठे खाने आए।
दोनों बिना रुपये दिए जाने लगे तो गल्ले पर बैठे ताराचंद ने परांठे के 80 रुपये मांगे। इस पर दोनों ने गालियां देते चाकू निकाल लिए और ताराचंद के गले, सीने व जांघ पर कई वार कर दिए। लीलाधर ने भाई को एलबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया।
बिजनेसमैन को गोली मारने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा के कासना के सीएनजी पंप पर स्पेयर पार्ट्स व्यापारी को गोली मारने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। नटों की मड़ैया में वाहन चेकिंग के दौरान दोनों पकड़ में आए। उन्होंने बताया कि विवाद होने पर गुस्से में व्यापारी को गोली मार दी थी। अभी एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों पर लूट के कई मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा भी बरामद किया गया है। एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि 18 अगस्त की रात स्पेयर पार्ट्स व्यापारी मांगेराम को सीएनजी पंप पर सेंट्रो कार सवार तीन युवकों ने गोली मार दी थी। दोनों के बीच सीएनजी भरवाने को लेकर विवाद हो गया था।
पुलिस को जांच के दौरान सेंट्रो कार का नंबर मिल गया। वह डाढ़ा गांव निवासी हरेंद्र के नाम थी। पुलिस डाढ़ा पहुंची तो पता चला कि वह कार उन्होंने बहन की शादी में बरसात निवासी मनोज पुत्र देवीराम को दी थी। इसके बाद पुलिस बरसात पहुंची। पता चला कि मनोज और उसी गांव का हरेंद्र घटना में शामिल था।
साथ ही एक दर्जी विपिन पुत्र राघव ककोड़ भी उनके साथ था। दबिश के दौरान पुलिस के हत्थे कोई नहीं चढ़ा। शुक्रवार रात इंस्पेक्टर समरजीत सिंह टीम के साथ नटों की मड़ैया गांव के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान घटना में प्रयोग की गई सेंट्रो कार दिखाई दी। पुलिस ने घेराबंदी करके कार को रोका। जिसमें मनोज और विपिन बैठे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मौज-मस्ती के लिए करते थे लूट
पुलिस ने बताया कि मनोज और हरेंद्र पर साल 2012 में लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं। दोनों जेल भी जा चुके हैं। दोनों ही मौज-मस्ती के लिए लूटपाट करते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए ये अक्सर किसी न किसी छात्र को अपने साथ रखते थे। हालांकि, उसे नहीं पता होता था कि दोनों क्या करते हैं।