मोदी शुगर मिल के अध्यासी अधिकारी एनके शर्मा को शनिवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बकाया भुगतान को लेकर गत जून माह में मोदीनगर गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव द्वारा मिल के अध्यासी एनके शर्मा और एमडी उमेश कुमार मोदी समेत चार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
किसान तभी से नामजद लोगों की गिरफ्तारी की मांग करते आ रहे थे। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस प्रशासन शुरू में गिरफ्तारी की बात टालता रहा, मगर देर रात सीओ राजेश शर्मा ने एनके शर्मा को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की।
दरअसल, मोदी शुगर मिल पर बकाया भुगतान को लेकर रालोद नेताओं ने पिछले दिनों एक ज्ञापन एसडीएम अतुल कुमार को दिया था। ज्ञापन में भुगतान को लेकर प्रशासन को 24 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था।
उसी परिप्रेक्ष्य में एसडीएम ने शनिवार को तहसील में एक त्रिपक्षीय वार्ता बुलाई थी। वार्ता में पुलिस प्रशासन की ओर से एसडीएम अतुल कुमार, सीओ राजेश कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सुरेंद्र यादव एवं जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप के अलावा मोदीनगर गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव सरजीत सिंह, मिल प्रबंधन में अध्यासी अधिकारी एन के शर्मा व लाइजनिंग अफसर कपिल आनंद शामिल हुए।
किसानों के प्रतिनिधि के रुप में मुख्य रुप से रालोद विधायक सुदेश शर्मा, समिति के उप चेयरमैन सतपाल मनौटा आदि रहे।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारी व मिल प्रबंधन उच्च अधिकारियों से सलाह मशविरा लेने के लिए जैसे ही एकांत में फोन करने को उठे, वैसे ही किसानों ने नतीजा न निकलने तक बाहर न जाने दिए जाने का एेलान कर दिया।
करीब दो घंटे की हंगामे के बाद भी भुगतान को लेकर बैठक में मौजूद मिल प्रबंधक किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके तो सभी किसानों ने एक स्वर में बैठक में मौजूद मोदी शुगर मिल के अध्यासी एनके शर्मा की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
किसान नेताओं का कहना था कि मामूली कर्ज को लेकर जब पुलिस किसान को गिरफ्तार कर जेल भेज देती है तो सात माह पूर्व कोतवाली में नामजद अभियुक्त एन के शर्मा की गिरफ्तारी पर पुलिस क्यों हिचक रही है। किसानों में आक्रोश बढ़ता देख सीओ के आदेश पर पुलिस ने एनके शर्मा को हिरासत में ले लिया।
बता दें की मोदी शुगर मिल पर बकाया भुगतान को लेकर जून 2015 में मोदीनगर गन्ना समिति के विशेष सचिव सरजीत सिंह द्वारा मिल के एमडी उमेश कुमार मोदी, अध्यासी एन के शर्मा, चीफ कॉमर्शियल मैनेजर वीके जैन एवं बीके लूथरा के खिलाफ वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इनमें पिछले दिनों बीके लूथरा का दिल्ली में उनके आवास पर हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया था, जबकि शेष नामजद अफसरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस तभी से टालमटोल की नीति अपनाये हुए थी।
प्रशासन की कार्रवाई समझ से परे
मोदी शुगर मिल के लाइजनिंग अफसर कपिल आनंद का कहना है कि नियमानुसार किसानों को बकाया भुगतान कर रहे हैं। ऐेसे में गिरफ्तारी समझ से परे है।