लोगों ने वारदात को देखा भी, लेकिन पिस्टल देखने के बाद किसी ने बदमाशों को रोकने की हिम्मत नहीं जुटाई। हालांकि, बदमाशों के भागने के बाद लोगों ने पीड़ितों की। लोगों ने पुलिस को भी सूचना दी।
इसके बाद थाना सेक्टर-39 प्रभारी निरीक्षक अनिल शाही, एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह और कलेक्शन कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी तो वह भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी के अनुसार, वारदात नोएडा सेक्टर-61 स्थित रायटर सेफ गार्ड कंपनी के कलेक्शन एजेंट प्रेमपाल और होशियार के साथ हुई है।
ये कंपनी नोएडा व दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों से नकदी लेकर उसे बैंक में जमा कराती है। दोनों ने पहले दिल्ली के सरिता विहार से कैश लिया, फिर नोएडा के डीएलएफ मॉल, सेक्टर-18 में एक ज्वैलर्स और अंत में सेक्टर-32 लॉजिक्स मॉल के कई शोरूम से कलेक्शन कर दिल्ली के बैंक में रुपये जमा कराने जा रहे थे।
जीआईपी मॉल पार करते ही शाहदरा नाले के किनारे बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस के अनुसार पीड़ितों के पास नकदी कितनी थी, ये अभी स्पष्ट नहीं है। जहां-जहां से नकदी एकत्र की गई थी, सभी जगह से पूछताछ कर नकदी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का अनुमान है कि बदमाशों ने रेकी के बाद वारदात को ऐसी जगह पर अंजाम दिया है, जहां दूर-दूर तक सीसीवीटी कैमरा नहीं है। बदमाश पूरी तैयारी से थे। पहले सड़क दुर्घटना कर एजेंटों को रोका गया। फिर लूट लिया। पुलिस के अनुसार कंपनी का कोई वर्तमान या पुराना कर्मचारी भी वारदात में शामिल हो सकता है। साथ ही, जहां से रुपये लिए गए, उनके कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है।
बताया जा रहा है कि ऐसी वारदात से बचने के लिए कंपनी बैग में एक मोबाइल फोन रखती है। उसमें एक विशेष ऐप है जिससे जीपीएस से लोकेशन देखी जा सकती है। वारदात के बाद मौके पर पहुंचे कलेक्शन कंपनी कर्मचारियों ने अपने डिवाइस से बैग की लोकेशन चेक की तो पता चला कि बदमाश नोएडा पुलिस से बचने के लिए वारदात के बाद सेक्टर-14ए प्रवेश द्वार होते हुए दिल्ली की सीमा में घुसे हैं। इसके बाद उनकी लोकेशन चिल्ला गांव के पास डीडीए फ्लैट के पास थी। पुलिस जीपीएस की मदद से पूर्वी दिल्ली में बदमाशों को तलाशने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार, दोनों घायल एजेंटों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एक टीम बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और दूसरी टीम एजेंटों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पुलिस को इनके बयानों में विरोधाभास मिल रहा है। पुलिस के अनुसार घबराहट में भी ऐसा हो सकता है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।