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मर्सिडीज हिट एंड रन: पूरक आरोप पत्र जल्द पेश करने का पुलिस को निर्देश

Sun, 07 May 2017 11:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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i20 hit and run - फोटो : अमर उजाला
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मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में अदालत ने पुलिस को पूरक आरोप पत्र शीघ्र पेश करने का निर्देश दिया है। इसके तहत पुलिस केस से जुड़ी कई जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। केस से जुड़ी फोरेंसिक व दूसरी वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट न आने से सुनवाई काफी लंबे से बाधित है।      
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तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव ने नाबालिग की याचिका पर सुनवाई के लिये 29 जुलाई की तारीख तय की है। कोर्ट ने कहा पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर जांच रिपोर्ट पेश करे।  
     
नाबालिग ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के उस फैसले को चुनौती दे रखी है जिसमें उस पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने का निर्देश दिया गया था। नाबालिग पर 32 वर्षीय युवक सिद्धार्थ शर्मा को कार से कुचल कर मौत के घाट उतारने का आरोप है।       
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पेश मामला सिविल लाइन के लुडलो कैसल इलाके में चार अप्रैल 2016 को हुआ था। नाबालिग आरोपी ने अपने बिल्डर पिता की मर्सिडीज कार रफ्तार व लापरवाही से चलाते हुये मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव सिद्धार्थ शर्मा को टक्कर मार दी थी। इस घटना के चार दिन बाद ही नाबालिग आरोपी बालिग हो गया था।       

जेजेबी ने चार जून 2016 को नाबालिग आरोपी पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था। इस फैसले को आरोपी ने सत्र अदालत में चुनौती दी थी। जेजेबी ने आरोपी के अपराध को गंभीर बताया था।   
    
मामले में विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने बहस करते हुये कहा था कि जेजेबी एक्ट में संशोधन के मुताबिक सत्र अदालत ऐसे मामलों को वापस जेजेबी नहीं भेज सकती बल्कि याची की दलीलों से सहमत होने के बाद खुद जेजेबी के पीठासीन अधिकारी के तौर पर सुन सकती है।      

नाबालिग आरोपी ने अपनी याचिका में कहा था कि यह मामला गैर इरादतन हत्या का नहीं है। उस पर इस धारा के तहत आरोप तय किया जाना गलत है। इसलिये उस पर लापरवाही व गफलत से वाहन चलाकर जान लेने का मुकदमा चलना चाहिये।  
     
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जेजेबी के समक्ष 26 मई 2016 को चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने नाबालिग पर गैर इरादतन हत्या व अन्य धारायें लगाई थीं। इसके तहत आरोप साबित होने पर उसे दस साल की कैद हो सकती है। हालांकि पुलिस ने एफआईआर में लापरवाही से जान लेने की धारा ही लगाई थी।      
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