सोमवार की रात मेवात मेडिकल कॉलेज में एक मरीज महिला के साथ निजी एजेंसी के सुरक्षा गार्डों द्वारा बलात्कार करने के मामले
में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं।
पुलिस ने पीड़िता का मेडीकल बोर्ड से कराकर एफएसएल रिपोर्ट के लिए सैंपल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस के लिए बडी सिरदर्दी महिला का बयान बना हुआ है। जिसमें उसने आरोपी को नहीं पहचानने की बात कही है।
हालांकि पीडिता के परिजनों ने चार लोगों का नाम अपनी शिकायत में दिया था। लेकिन पीड़िता द्वारा आरोपी को नहीं पहचानने का
बयान देने के कारण पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
परिजनों द्वारा बनाए गए मुख्यारोपी के घर पुलिस ने मंगलवार की शाम व बुधवार की सुबह दविश दी, लेकिन आरोपी नहीं मिला। दूसरी ओर मामले में एक बड़ा मोड़ उस वक्त आया जब मेडीकल कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में संलिप्त 4 सुरक्षा गार्ड व एक सुरक्षा सुपरवाइजर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
इस मामले में कालेज प्रशासन ने सही कार्रवाई की है या पुलिस प्रशासन की कार्रवाई ठीक है यह चर्चा का विषय है। महिला पुलिस थाना डीएसपी शकुंतला का कहना है कि मरीज ने अपने बयान में आरोपियों को नहीं जानने की बात कही है।
जिसके कारण आरोपियों के खिलाफ नाम से मुकदमा नहीं दर्ज करा पाए। हालांकि पीडिता के परिजनों ने जिन नामों को दिया हैं, उनको पकडने के लिए दविश दी जा रही है।
यदि पीडिता कहती है कि वह आरोपियों को देखकर पहचान लेगी तो आरोपियों की शिनाख्त परेड करवाई जाएगी।मेडिकल कॉलेज में मरीज के साथ हुई इस शर्मनाक घटना की चारों तरफ निंदा हो रही है।
कुछ लोग इसे कालेज प्रशासन की कमी बता रहे हैं तो कुछ कॉलेज प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को जायज ठहरा रहे हैं।
मेवात विकास मंच के अध्यक्ष जाहिद हुसैन का कहना है कि इस घटना के लिए सीधे तौर पर मेडीकल कॉलेज प्रशासन जिम्मेदार है। क्योंकि रात के समय मरीजों की सुरक्षा, चिकित्सा देखभाल रामभरोसे होती हैं।
मेडीकल कॉलेज के कई बडे़ अधिकारी रात में मेडीकल कॉलेज में नहीं ठहरते बल्कि वे गुड़गांव चले जाते हैं, जिसके बाद अस्पताल में अव्यवस्था का आलम रहता है।