बंटी और बबली फिल्म का पोस्टर
आरोपी अनुज श्रीवास्तव ने मकान मालिक को बताया कि उसके पिता का निधन हो गया है और वह काफी परेशान है। भावानात्मक रूप से ब्लैकमेल कर आरोपी ने देवदत्त के यहां किराये पर कमरा ले लिया।
इसका किराया भी उसने अगले माह देने के लिए मकान मालिक को तैयार कर लिया। यहां अनुज पत्नी रेखा, बेटी आद्या और बेटे के साथ रहने लगा। इसने खुद को इलेक्ट्रॉनिक वेयर हाउस का कर्मचारी बताया।
सेक्टर-22 में ये लगभग छह माह तक रहे। इस बीच अनुज ने सस्ता मोबाइल व इलेक्ट्रानिक सामान दिलवाने का झांसा देकर आसपास के लोगों से गहरी दोस्ती कर ली।
आरोपी ने 60 हजार रुपये का मोबाइल 30 हजार रुपये में 15-16 हजार रुपये का फ्रिज 7-8 हजार रुपये में दिलाने लोगों का भरोसा जीता। धीरे-धीरे ये आसपास के लोगों को घर पर पार्टी के बहाने बुलाकर घुलने-मिलने लगे।
शुरू में पति-पत्नी लोगों से छोटी-छोटी रकम उधार लेते और शाम को लौटा देते। इस तरह इन्होंने लोगों का भरोसा जीतकर मकान मालिक समेत पड़ोसियों से मां की बीमारी का बहाना बना और सस्ता इलेक्ट्रानिक सामान दिलाने के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये ले लिए।
मां का इलाज कराने के बहाने दंपति पूरे परिवार के साथ 25 जनवरी 2018 को इलाहाबाद के लिए निकला और फिर कभी वापस नहीं लौटा।
बताया जा रहा है कि सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुके आरोपी दंपत्ति के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-24 में सेक्टर-22 निवासी देवदत्त शर्मा की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज हुई है। बाकी मामलों में थानों से पीड़ितों को ये कहकर भगा दिया गया कि उन्होंने जब खुद पैसे दिए हैं तो इसमें पुलिस क्या करेगी।
थाना सेक्टर-24 में दर्ज एफआईआर में पति का नाम अनुज श्रीवास्तव और पत्नी का नाम रेखा डागर बताया गया है। हालांकि पुलिस को संदेह है कि आरोपी जिस तरह से वारदात कर रहे हैं, इन्होंने बचने के लिए अपना फर्जी नाम रखा होगा। लिहाजा, पुलिस फोटो की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है। इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है।
ठग दंपति 2016 में स्वरूप नगर दिल्ली में संजीव मलिक के घर में किराये पर रहने गया थे। यहां भी इन्होंने लोगों को सस्ती कीमत पर इलेक्ट्रानिक्स व मोबाइल दिलाने के बहाने भरोसा जीता।
इसके बाद आसपास के लोगों से 30 लाख रुपये बटोर कर चंपत हो गए। अगस्त-2016 में भागते समय दंपति ने बीमारी का बहाना बना संजीव मलिक की कार भी ले ली और फिर कभी वापस नहीं लौटे।
दिल्ली के बाद ठग ग्रेटर नोएडा की पारसदीप सोसायटी में ऋषभ सिंह के फ्लैट में किराये पर रहने लगा। यहीं भी इन्होंने पड़ोसियों को सस्ता इलेक्ट्रानिक्स सामान व मोबाइल दिलाने के नाम पर लगभग 30 लाख रुपये बटोर लिए।
साथ ही, ऋषभ के फ्लैट को अपना बताकर उसे बेचने का सौदा कर 10 लाख रुपये एडवांस लेकर 1 जुलाई 2017 को परिवार के साथ फरार हो गए।
यहीं पर इन्होंने दिल्ली से चोरी की गई संजीव मलिक की कार छोड़ दी थी। इसके बाद आरोपी दंपति चार दिन तक होटल में रुका और फिर नोएडा सेक्टर-22 में रहना शुरू किया।