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गांव का प्रधान बनने के लिए करता था सेंधमारी, एक गलती से खुली पोल

Tue, 16 Jan 2018 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Theft
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गांव का प्रधान बनने की चाहत में सेंधमारी करने वाले एक चोर को पुलिस ने भाई और एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली में सेंधमारी और वाहन चोरी की वारदात करते थे। इनके पास से तीन बाइक के अलावा कपड़े, कारपेट और कंबल मिले हैं। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस 14 मामलों को सुलझाने का दावा कर रही है।

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जिला पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि  13 जनवरी को पुलिस ने गुप्त सूचना पर द्वारका से तीन लोगों को बिना नंबर प्लेट की बाइक के साथ दबोचा। जांच में पता चला कि बाइक डाबड़ी से चुराई गई है।

पुलिस को इनके पास से एक कारपेट मिला, जिसे बदमाशों ने बिंदापुर से चुराया था।  पकड़े गए बदमाशों की पहचान बिंदापुर निवासी नेमचंदर उर्फ नेमा (27), उसके भाई हेम सिंह (22) और चंदर प्रकाश(23) के रूप में हुई।

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ये चीजें हुईं बरामद

arrest
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके निशानदेही पर पुलिस ने मायापुरी और जनकपुरी इलाके से चुरायी गई दो बाइक, काफी मात्रा में महिलाओं की डिजाइनर कपड़े और कंबल बरामद किए गए।

पूछताछ में पता चला कि नेमचंदर मूलत: गांव मधोली, संभल उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। रुपये कमाने के लिए 12 साल पहले वह दिल्ली आ गया।  यहां वह छोटे मोटे बदमाश के संगत में पड़ गया। अपने शौक को पूरा करने के लिए वह छोटी-मोटी चोरी करने लगा।

सेंधमारी और वाहन चोरी से जब रुपये आने लगे तो उसके अंदर राजनीतिक महत्वाकांक्षा जगी। वह अपने गांव का प्रधान बनना चाहता था। इसलिए वह चोरी से मिलने वाली रकम को अपने गांव वाले की मदद करने पर खर्च करने लगा। उसने एक गैंग बनाया और फिर वारदातों को अंजाम देने लगा। वह बंद घरों को अपना निशाना बनाने लगा। 
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