खंड के गांव ऊंचा माजरा में रविवार को युवक ने पड़ोसी युवक को हुक्का पीने के बहाने बुलाकर पीछे से गोली मार दी। इस घटना में वह घायल हो गया। उसे तुरंत स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मानेसर के एक निजी अस्पताल में भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। युवक की 29 नवंबर को शादी होनी थी।
पुलिस के अनुसार मृतक की बहन भतेरी ने पटौदी थाने में दी शिकायत में कहा कि उसका भाई नवल पुत्र राजकरण सुबह साढ़े 11 बजे दूध लेकर आ रहा था। जैसे ही वह घर के निकट पहुंचा तो अजीत उर्फ भरत पुत्र विजय ने उसे हुक्का पीने के लिए आवाज दी। वह कुछ देर उसके पास बैठ गया और हुक्का पीकर जैसे ही वापस चलने लगा तो अजीत ने उसे पीछे से गोली मार दी। इस घटना में वह घायल हो गया। उसे तत्काल पटौदी के निजी अस्पताल ले जाया गया।
यहां उसकी हालत को देखते हुए मानेसर भेज दिया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पटौदी थाना पुलिस ने नवल की बहन भतेरी के बयान पर अजीत उर्फ भरत पुत्र विजय के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। पटौदी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में परिजनों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई रंजिश होने की बात किसी भी परिजन ने नहीं बताई है। फिलहाल आरोपी फरार है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा इसके बाद मामले का खुलासा हो पाएगा।
शादी के पीले चावल आने से पहले ही पसरा मातम
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चंद दिनों में ही मृतक नवल के घर शहनाइयां बजने वाली थीं, लेकिन घर वालों को क्या पता था कि शहनाई की जगह मातम छा जाएगा। बता दें कि नवल चार बहनों में इकलौता भाई था और 29 नवंबर को उसकी शादी होनी थी। रविवार को उसकी शादी के पीले चावल (शादी पत्रिका) आने थे, लेकिन उससे पहले ही भगवान को कुछ और ही मंजूर था। सूचना मिलते ही पटौदी थाना पुलिस सहित एसीपी पटौदी शकुंतला यादव मौके पर पहुंचीं और उन्होंने लोगों से बात की।
पटौदी क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। दो दिन पहले भी यहां वार्ड नंबर चार के युवक का अपहरण कर उसके साथ मार-पिटाई की गई थी। बाद में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद रविवार को गांव ऊंचा माजरा में एक युवक को दिन के समय ही गोली मार दी गई। इसे देखकर लगता है कि बदमाशों में पुलिस का खौफ समाप्त हो गया है। आए दिन इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देकर वह दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं।