बदनामी के डर से इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की। कुछ दिन बाद पति उसे कमाने की नियत से गुरुग्राम लेकर गया। वहां उसने एक पंडित के साथ मिलकर गंदा काम करवाने लगा। पंडित और पति मिलकर उसे खिलौने की तरह बेचना शुरू कर दिए।
इन सब से तंग आकर महिला ने बंगाल से अपने पिता को घर बुलवाया और अपने मायके वापस चली गई। कुछ दिन बाद पति बंगाल आया और पत्नी को बहला फुसलाकर वापस ले गया। इसके बाद उसने रेवाड़ी में सोनू नाम के व्यक्ति को उसे बेच दिया और खुद पति अपने गांव कैराका चला आया।
कुछ दिन बाद एक आदमी उसे सोनू से बात करके कार में बैठाकर लेकर गया और एक कमरे में 8 लोगों ने उसके रेप किया। इसमें सोनू भी शामिल था। महिला ने जब इसका विरोध किया तो जवाब मिला की तेरे पति से रुपए देकर तुझे खरीदा है।
पीड़िता की शिकायत को रेवाड़ी पुलिस ने गंभीरता से लिया और न केवल जीरो एफआईआर रेप, गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं के तहत सिटी थाना में मामला दर्ज किया बल्कि एएसआई सुशीला ने पीड़िता का मेडिकल भी कराया। मामला मेवात से जुड़ा होने की वजह से एसपी रेवाड़ी ने केस नूंह पुलिस को जांच के लिए भेज दिया है। हालांकि शिकायत करने के बाद से पीड़ित महिला लापता है।