दरियागंज इलाके में टायर कारोबारी के ड्राइवर ने अपना घर खरीदने के लिए लूट की झूठी कहानी रची। जांच में असलियत सामने आने पर पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की बहन के पास रखे छह लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार शाहिद का पुरानी दिल्ली में टायर का कारोबार है। रामदेव उसका टैंपो चलाता था। रामदेव टैंपो से दुकानों में टायर सप्लाई करने के साथ साथ पैमेंट भी लाता था। गत 10 जून को शाहिद ने उसे लाडो सराय स्थित दुकान में टायर का सप्लाई करने के लिए भेजा था।
वापसी में वह दो दुकानों से छह लाख का पैमेंट लेकर वापस आ रहा था। रामदेव ने मालिक को फोन कर बताया कि शांतिवन के पास कार सवार बदमाशों ने उसके गर्दन पर उस्तरा मारकर रुपये लूट लिए हैं। शाहिद मौके पर पहुंचा और रामदेव का इलाज करवाकर घटना की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर लूटपाट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने लाडो सराय से शांतिवन तक आने वाले रूट में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। लेकिन किसी भी फुटेज में पुलिस को बदमाशों की कार नहीं दिखी। पुलिस ने रामदेव से कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
उसने बताया कि नया घर खरीदने के लिए उसे रुपये की जरूरत थी। इसलिए मालिक के रुपये उड़ाने के लिए उसने लूटपाट की झूठी कहानी रची। वह रुपये को अपनी बहन के घर में रख दिया और खुद को जख्मी कर लूटपाट होने की झूठी कहानी बतायी। पुलिस ने उसके निशानदेही पर बहन के घर से रुपये बरामद कर लिए।