नाबालिग छात्रा का पीछा करने के मामले में कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एके सरपाल ने सूरज (30) को 20 माह की सजा सुनाई है। सूरज को पांचवीं की छात्रा का स्कूल और बाजार आते-जाते समय पीछा करने का दोषी पाया गया।
मामला पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके का है। मामले में दोषी करीब 18 माह जेल में रहा इसके बाद जमानत मिल गई थी। पीड़िता की मां ने जुलाई 2015 में सूरज के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
अदालत ने फैसले में कहा कि लोग तमाशा देखने को तैयार रहते हैं लेकिन जांच में पुलिस का सहयोग नहीं करते। जांच अधिकारी लोगों से छानबीन करने की कोशिश करता है लेकिन वह मदद नहीं करते। ऐसे हालात में जांच अधिकारी के बयान पर भरोसा करने के अलावा कोई चारा नहीं होता।