वैवाहिक साइट पर मुलाकात में खुद को तलाकशुदा बताकर शादी करने वाले शख्स को अदालत ने पीड़िता की गवाही के मद्देनजर दुष्कर्म और अन्य आरोपों से बरी कर दिया है। आरोपी से शादी करने के लिए पीड़िता दुबई से नौकरी छोड़कर भारत आ गई थी। साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने आरोपी को दुष्कर्म, कुकर्म, पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करने के आरोपों से बरी करते हुए कहा कि पीड़िता आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहती, क्योंकि दोनों के बीच समझौता हो चुका है।
अदालत ने कहा कि इस मामले में अभियोजन के दो गवाह पीड़ित और उसका पिता थे। दोनों ने ही अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया औ न ही आरोपी के खिलाफ ठोस बयान दिया है।
अभियोजन के मुताबिक, पीड़िता और उसके पिता ने सात जून 2017 को आरोपी पर केस दर्ज कराया था कि उसने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे शादी की और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने मंदिर में उससे शादी की, तब सामने असलियत आई। अदालत ने फैसले में कहा कि पीड़िता ने केस दर्ज कराया, लेकिन गवाही में जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने और शादी के बाद एक साथ रहने की बात नहीं कही है।