अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त डॉ. जी राम गोपाल नायक ने बताया कि 11 सितंबर 2017 को समयपुर बादली इलाके में हकीकुद्दीन नामक शख्स ने अपने बेटे जावेद की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
बाद में जावेद की सिरकटी लाश इलाके में रेलवे ट्रैक से बरामद हो गई थी। छानबीन के बाद समयपुर थाना पुलिस ने गुलाब, रंजीत, राहुल और धीरेश को गिरफ्तार कर लिया था।
चारों की निशानदेही पर पास के जंगल से जावेद का सिर भी बरामद कर लिया गया था। धीरेश ने खुलासा किया कि जावेद के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे। इसी वजह से उसकी हत्या कर सिर काट लिया गया। वारदात का मुख्य आरोपी और धीरेश का रिश्तेदार सुमन फरार थे।
लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा की एसआईटी उसे तलाश कर रही थी। एसीपी पंकज सिंह, इंस्पेक्टर जतिन सिंह व अन्यों की टीम ने सुमन की तलाश शुरू कर दी।
इधर कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया। 25 हजार इनाम भी घोषित कर दिया गया। कभी आरोपी लुधियाना तो कभी बिहार, नेपाल, नागपुर भागता रहा। एक टीम मोतिहारी बिहार में रुकी रही।
इस बीच शुक्रवार को एक सूचना के बाद आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया। उसने जावेद की हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि योजना बनाकर जावेद की हत्या कर उसका सिर जंगल में फेंक दिया गया, जबकि शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।