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मेकअप आर्टिस्ट अभिषेक खेत्रपाल की रिहाई के बदले बदमाशों ने मांगी थी दो करोड़ की फिरौती

Tue, 25 Oct 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मेकअप आर्टिस्ट अभिषेक खेत्रपाल (23) के अपहरण के मामले में पुलिस ने पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। साथ ही पीड़ित को यूपी के हरदोई से सकुशल मुक्त करवा लिया। बदमाशों ने अभिषेक की रिहाई के लिए दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पकड़ा गया एक आरोपी वसीम पीड़ित की मां की बुटिक पर काम कर चुका है। 
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पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि अभिषेक परिवार वालों के साथ जनकपुरी इलाके में रहता है। वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई कर चुका है। भोजपुरी फिल्म छबीली में अभिनय भी किया है। वह जनकपुरी में ब्यूटी पार्लर चलाता है। गत 20 अक्तूबर को परिजनों ने जनकपुरी थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। बताया कि उसे द्वारका इलाके में किसी ने दुल्हन के मेकअप के लिए बुलाया। इसके बाद से अभिषेक लापता है और उसका मोबाइल भी बंद हैं। इसके अगले ही दिन सुबह अभिषेक की मां के मोबाइल फोन पर अपहरणकर्ताओं ने अभिषेक के अपहरण की सूचना दी। बदमाशों ने उससे दो करोड़ रुपये की मांग की। इस बात की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को दो और कॉल किए।
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  पुलिस ने अभिषेक को द्वारका बुलाने वाले नंबर की जांच की तो पता चला कि यह नंबर विकास नगर निवासी दीपक का है। लेकिन, बाद में यह नंबर बंद कर दिया गया। उसके बाद दो अन्य नंबरों की जांच करने पर उनका लोकेशन कानपुर और लखनऊ में होने का पता चला।  दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ (लखनऊ जोन) से संपर्क कर उन्हें जानकारी दी।  तकनीकी जांच में बदमाशों के हरदोई के महवा ढांडा गांव में छिपे होने की जानकारी मिली। संयुक्त टीम ने वहां छापा मारकर अभिषेक को छुड़ा लिया और पांच बदमाशों हस्तसाल निवासी वसीम, उत्तम नगर निवासी नीरज, विकास नगर निवासी दीपक, विनोद और उत्तम नगर नासिर को दबोच लिया। 


आरोपी वसीम कर चुका है मां की बुटिक में काम 
जांच में पता चला कि जेजे कालोनी हस्तसाल निवासी वसीम इस घटना का मास्टर माइंड है। अभिषेक की मां ने 2011 में बुटिक खोला था। अभिषेक के मौसा तपन के मुताबिक, बुटिक में वसीम ने टेलर का काम सीखा था। 2012 में बुटिक बंद हो गया। उसके बाद से वसीम नौकरी की तलाश कर रहा था। रुपये की जरूरत होने पर उसने अपने दोस्त दीपक के साथ मिलकर अभिषेक को अगवा करने की साजिश रची। अभिषेक की मां पुपला रॉय ने बताया कि वसीम उसके परिवार के सदस्य की तरह था।  

अभिषेक को इंजेक्शन लगाकर करते रहे बेहोश 
अभिषेक ने बताया कि गांव में बदमाशों ने उसे खटिया से बांध दिया था। उसे बेहोश करने के लिए लगातार इंजेक्शन लगाया जाता था। बदमाशों ने उसके हाथ पर दस बार इंजेक्शन लगाया। बदमाश उसे चाकू दिखाकर मारने की धमकी देते थे। उसने बताया कि इंजेक्शन लगाने वाला आरोपी अभी भी फरार है। उसने सकुशल मुक्त कराने पर पुलिस टीम का धन्यवाद किया। 

बहन के अपाहिज होने की बात कहकर बुलाया 
विकास नगर निवासी दीपक ने अभिषेक को फोन कर द्वारका स्थित रेडिशन होटल के पास बुलाया था। उसने बताया कि उसकी बहन अपाहिज है। इसके चलते वह ब्यूटी पार्लर नहीं आ सकती। होटल के पास पहुंचने पर आरोपियों ने उसे कार समेत अगवा कर लिया। उसकी कार को आईजीआई एयरपोर्ट के पास छोड़ दिया। उसके बाद उन लोगों ने नासिर की टैक्सी एक्ससेंट कार से अभिषेक को हरदोई लेकर गए। हरदोई के जिस गांव में अभिषेक को रखा गया था यह गांव विकास नगर निवासी विनोद का है। 
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