तिलक नगर इलाके से एक युवती को सरेराह अगवा कर अलीगढ़ के युवक को 50 हजार रुपये में बेच दिया गया। मामला खुलने पर पुलिस ने अपहृत युवती को अलीगढ़ के खेडिया गांव से सकुशल बरामद कर लिया है।
इसी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने युवती से शादी करने के लिए उसे अगवा करवाया था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी भागने में कामयाब हो गया।
युवती मानसिक रूप से कमजोर है और उसका इबहास अस्पताल में इलाज चल रहा था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर मानव तस्करी में शामिल अन्य लोगों की जानकारी हासिल कर रही है।
जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि पकड़ी गए आरोपियों की पहचान रोशन विहार निवासी फूलवती(55) और गोयला डेयरी मोड़ निवासी संजय (29) के रूप में हुई है। गत 30 मार्च को तिलक नगर इलाके में रहने वाली 25 वर्षीय युवती अचानक गायब हो गई थी।
आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
परिवार वालों ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। पांच सितंबर को युवती के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी ने उसे फोन किया है और बताया कि उसे अलीगढ़ में बंधक बना कर रखा गया है। लेकिन वह गांव का नाम नहीं बता पा रही थी।
इस पर तिलक नगर थाना प्रभारी शिव कुमार ने मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया। फोन की लोकेशन समसपुर व लोहगढ़ गांव के बीच आ रहा थी। कॉल डिटेल से पता चला कि फोन नंबर खेड़िया गांव के रहने वाले सुखबीर के भाई का है।
पुलिस टीम ने खेड़िया में जाकर सुखबीर के घर छापा मारा और युवती को सकुशल मुक्त करा लिया। इस दौरान सुखबीर मौके से भागने में कामयाब हो गया। जांच में पता चला कि सुखबीर ने युवती से शादी करने के लिए उसे अगवा करवाया था और बंधक बनाकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था।
बेचने के लिए अगवा किया गया था
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जांच में पता चला कि युवती को बेचने के लिए अगवा किया गया था। सुखबीर ने संजय को एक युवती को लाकर देने को कहा था, जिससे वह शादी कर सके। संजय ने यह बात फूलवती को बताई।
फूलवती ने युवती को बहला-फुसला कर उसको अगवा कर संजय के हवाले कर दिया। इसकी एवज में संजय ने फुलवती को 30 हजार रुपये दिए। उसके बाद संजय ने युवती को सुखबीर के हवाले कर दिए। इसकी एवज में संजय को पचास हजार रुपये मिले।
अपनी सूझबूझ से मुक्त हुई युवती
अपने पिता को किए गए एक फोन के बाद ही युवती मुक्त हो सकी। जांच में पता चला कि सुखबीर कभी भी युवती को घर में अकेला नहीं छोड़ता था। लेकिन एक दिन युवती को एक कमरे में मोबाइल फोन मिला। यह फोन सुखबीर के छोटे भाई का था। युवती ने उस फोन से अपने पिता को फोन किया और बताया कि उसे अलीगढ़ में बंधक बनाकर रखा गया है। इस पर पुलिस ने एक स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर पूरे मामले को सुलझा लिया।