फरीदाबाद के सेक्टर-30 स्थित पुलिस लाइन में एक महिला हेड कांस्टेबल द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाने का मामला सामने आया है। मृतका का साढ़े तीन साल का बेटा भी है। पति के मुताबिक मृतका कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थी।
जबकि मृतका के मायके वालों ने पति व उसे भतीजे के खिलाफ थाना सेक्टर-31 में आत्महत्या के लिए उकसाने का का मामला दर्ज कराया है।
पत्नी से अवैध संबंध बनाने वाले को उड़ाया
घटना बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे सेक्टर-30 स्थित पुलिस लाइन की है। पुलिस लाइन में करीब 30 वर्षीय सुनीता विभाग की ओर से मिले क्वार्टर में रहती थी। सुनीता आरएएफ की टीम में गुड़गांव में तैनात थी। उसका पति बहादुर सिंह हवलदार के पद पर पलवल में कार्यरत है।
बीके अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे बहादुर सिंह ने बताया कि चार दिन पहले सुनीता बेटे को अपने मायके रेवाड़ी के देवलावास गांव में छोड़ कर आई थी। बहादुर की भी तबियत खराब थी इसलिए वह सुनीता के पास क्वार्टर में तीन-चार दिन पहले रहने आ गया था।
भाइयों को अगवाकर फिरौती में मांगी बहन
पति के मुताबिक सुनीता व उसने करीब 11 बजे खाना खाया, इसके बाद सुनीता अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद बहादुर कमरे में गया तो सुनीता ने दरवाजा नहीं खोला, जिसके बाद वह कमरे के पीछे कूलर के लिए लगी खिड़की में देखने गया।
उसने सुनीता को पंखे से लटका पाया। जिसके बाद वह खिड़की से कमरे में दाखिल हुआ। बहादुर ने पास के क्वार्टर में रहने वाले व हरियाणा पुलिस में तैनात भतीजे पवन को बुलाया। उसकी मदद से सुनीता को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पति का दावा ट्रेनिंग को लेकर थी तनाव में:
पति बहादुर सिंह के मुताबिक सुनीता पिछले कुछ दिनों से अपनी ट्रेनिंग को लेकर तनाव में चल रही थी। वह बुधवार को दोपहर में सेक्टर-12 में अपनी ट्रेनिंग के बारे में पूछताछ करके लौटी थी। सुनीता की एएसआइ की ट्रेनिंग के लिए मेडिकल होना था। कुछ समय पहले हुए विभागीय टेस्ट की लिस्ट में उसका नंबर नहीं आया था। इसी कारण तनाव में रहने लगी थी। पति ने बताया कि सुनीता ने वर्ष 2002 में नौकरी ज्वाइन की थी और 2005 में उनकी शादी हुई थी। जबकि बहादुर ने वर्ष 2012 में नौकरी ज्वाइन की थी।
पति के दावे पर उठ रहे सवाल
पुलिस जांच में यह सामने आया है पति बहादुर सिंह ने सुनीता द्वारा फांसी लगाने की सूचना तुरंत किसी को नहीं थी, बल्कि उसने फोन करके भतीजे पवन को बुलाया और उसकी मदद से सुनीता को नीचे उतार लिया। इसके बाद उसने उसे किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया, काफी देर बाद विभाग के कर्मचारियों को सूचित किया और बाद में कार्रवाई के बाद शव को मोर्चरी भेजा गया।
आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक करीब एक साल पहले सुनीता के पिता उमराव सिंह की मृत्यु हो चुकी है। घटना के बाद पहुंची मृतका की मां शांति देवी ने थाना सेक्टर-31 में पति बहादुर सिंह व उसके भतीजे पवन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।