मध्य जिला के स्पेशल स्टाफ ने दक्षिण कोरिया से शराब की बोतलें मंगाकर चेन्नई में ऊंचे दाम पर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी एक कंपनी बनाकर इस वारदात को अंजाम दे रहा था। गिरोह से पुलिस ने 123 कार्टून शराब की बोतलें बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को मध्य जिला के स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि कुछ लोग विदेशी शराब की बोतलों की पैकिंग कर चेन्नई भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही निरीक्षक मनोज अंटिल और उप निरीक्षक अजय दलाल के नेतृत्व में टीम ने नबी करीम इलाके में दबिश देकर चार लोगों को दबोच लिया और 123 कार्टून जब्त कर लिए।
मालिक सहित पुलिस ने पांच को दबोचा
पुलिस
- फोटो : Demo Pic
पकड़े गए लोगों की पहचान मधुबनी बिहार निवासी बृजेश चौधरी, गाजियाबाद निवासी दुर्गा प्रसाद, बस्ती उत्तर प्रदेश निवासी प्रकाश और पहाड़गंज निवासी बलराम के रूप में हुई। दुर्गा प्रसाद मजदूरी करता है वहीं अन्य दोनों ड्राइवर हैं।
बृजेश ने बताया कि वह गुड़गांव स्थित क्लासिक एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड में बतौर मैनेजर काम करता है। कंपनी का मालिक गुड़गांव निवासी अंशुमन भारद्वाज है। पुलिस ने निशानदेही पर अंशुमन भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया।
अंशुमन ने बताया कि वह दक्षिण कोरिया में काम करता था। भारत आने के बाद उसने वर्ष 2013 में एक कंपनी बनाई और दक्षिण कोरिया से शराब का आयात करने लगा।
गुड़गांव के कस्टम हाउस से शराब के कार्टून को लेने के बाद उसे ओखला स्थित वेयर हाउस में रखवाता था। जहां से डिलीवरी वैन के जरिये नई दिल्ली स्टेशन के पास लाकर शराब प्लास्टिक बैग में पैक किया जाता था। उसके बाद शराब कारगो से चेन्नई भेजी जाती थी।