सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव विनोद यादव के चचेरे भाई और प्रॉपर्टी डीलर कपिल यादव की हत्या में असरदार लोगों का हाथ है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस की जांच में यह बात सामने आ रही है।
डीएम खुद भी पूरे मामले पर निगाह रखे हैं। नौ पुलिस टीमें सुरागकशी कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि एनएच-24 पर बम्हैटा पेट्रोल पंप के पास वारदात के दौरान एक्टिव रहे मोबाइल नंबरों से ही कातिल की ‘कुंडली’ खुलेगी।
100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई है। कयास है कि हत्या की वजह प्रॉपर्टी, पैसों का विवाद या खुन्नस हो सकता है।
कहां गए .30 बोर का पिस्टल और साढ़े छह लाख रुपये
कपिल के पास रहा .30 बोर का पिस्टल और साढ़े छह लाख रुपये कहां हैं? पुलिस पिस्टल गुम होना तो स्वीकार कर रही है, मगर घटनास्थल पर मिला पैसा 10 लाख ही बता रही है, जबकि परिजनों का कहना है कि उन्हें साढ़े 16 लाख रुपये होने की जानकारी है। हालांकि एफआईआर में पैसों का जिक्र नहीं किया गया है।
पुलिस की थ्योरी
पुलिस की थ्योरी ये है कि किसी रंजिश, खुन्नस या विवाद के चलते किसी असरदार व्यक्ति ने शार्प शूटर से हत्या कराई हो, जो घात लगाए बैठा हो। उसके साथी हाईवे पर खड़े हों, वारदात कर वह उनके साथ भाग गया।
फूट सकता है लोगों का गुस्सा
कपिल यादव की हत्या से बम्हैटा में खासा गुस्सा है। अगर पुलिस ने समय रहते खुलासा नहीं किया तो लोगों का गुस्सा फूट भी सकता है।
भाई की भी हुई थी हत्या
सपा नेता विनोद यादव के बड़े भाई की वर्ष 2004 में पुराने बस अड्डे के पास हत्या कर दी गई थी।