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कनावनी कांड: चौकी प्रभारी पर गिरी गाज

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राष्ट्रीय एससी आयोग के अध्यक्ष के दौरे के बाद अब कनावनी कांड में लापरवाह अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। एसएसपी ने कनावनी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र दहिया को लाइन हाजिर किया है।
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उन पर लापरवाही बरतने का आरोप है। आने वाले दिनों में पुलिस के कुछ और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

आयोग ने इस कांड में अब तक हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों को 19 मई को रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस रिपोर्ट के बाद ही आयोग तय करेगा कि दोषी अफसरों पर क्या कार्रवाई की जाए।

अफसरों से ‌छुपाई थी घटना

सूत्रों के मुताबिक घटना से एक दिन पहले भी कनावनी क्षेत्र में झगड़े के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर फायरिंग का प्रयास किया था। चौकी प्रभारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से इस बात को छुपाए रखा था।

घटना को लेकर देर रात तक बवाल हुआ था। अगर चौकी प्रभारी सतर्क रहते तो शायद अगले दिन की घटना टल सकती थी। अब कनावनी गांव में शांति है। मृतक राहुल कसाना के लिए हवन-पूजा पाठ को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल सुबह से ही गांव में तैनात था।

एसपी क्राइम, शहर के तीनों सर्किल के सीओ व कई थानों का पुलिस बल तैनात था। पुलिस को आशंका थी कि पूजा में आए लोग भावावेश में आकर उग्र न हो जाएं। एहतियातन दलितों के घरों के आसपास भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

पटरी पर लौट रहा है कनावनी गांव

नोएडा के कनावनी गांव में ‌दलितों के गुर्जरों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद हालात सुधरने लगे हैं। कनावनी के हालात अब सामान्य हो रहे हैं।

बच्चे अब बेखौफ होकर स्कूल जा रहे हैं। गलियों में पुलिस तैनात है, लेकिन बच्चों को अब उनके पास से भी गुजरने में डर नहीं लगता है।

दलित परिवार व उनके बच्चे कसाना हाउस के सामने से भी बेखौफ गुजर रहे हैं, जो पिछले कई दिनों से उधर से नहीं गुजर रहे थे। पुलिस भी हालात सामान्य होने का इंतजार कर रही है, ताकि जांच तेज की जा सके।
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वारंट व कुर्की के आदेश

राहुल कसाना हत्याकांड में फरार चल रहे 16 आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट व कुर्की की कार्रवाई के आदेश अदालत ने थाना सेक्टर-58 पुलिस को दिए हैं।

अब पुलिस जल्द ही सीआरपीसी की धारा 83 के तहत आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने के लिए आदेश लेगी। अमूमन धारा 82 लगने के एक माह बाद ही कुर्की के आदेश जारी होते हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में यह समय से पहले भी हो सकता है।

पुलिस दो तीन दिनों में आरोपियों के घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा करेगी, लेकिन इलाके में डुगडुगी नहीं बजवाएगी। पुलिस का मानना है कि इससे माहौल खराब हो सकता है।
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