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15 साल के नाबालिग ने बच्ची से की दरिंदगी

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दिल्ली के वसंत कुंज इलाके से शनिवार सुबह एक बच्ची के साथ नाबालिग के छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार रात की है।
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जानकारी के मुताबिक वसंत कुंज इलाके में एक नाबालिग लड़के ने अपने पड़ोस में रहने वाली आठ साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की कोशिश की। यहीं नहीं उसने दरिंदगी दिखाते हुए बच्ची के गुप्तांगों को भी चोट पहुंचाई।

बच्ची को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घरवालों ने मामले की शिकायत पुलिस में कर दी है। पुलिस ने पॉक्सो 376 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की उम्र 14-15 साल है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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फिल्म के जरिए यौन हिंसा के प्रति जागरूक बनेंगे स्कूली बच्चे

राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में बच्चों के साथ यौन हिंसा और दुर्व्यवहार के बढ़ते मामलों को रोकने में असफल साबित हो रही सरकार इस पर अंकुश लगाने के लिए नए-नए तरीके इजाद कर रही है।

संशोधित किशोर न्याय अधिनियम लागू करने में देरी को देखते हुए अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय वीडियो फिल्मों के जरिए बच्चों को जागरुक बनाना चाहता है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार किये जाने वाले इस लघु वीडियो फिल्म को प्रत्येक सरकारी और निजी स्कूल में दिखाना अनिवार्य होगा। फिलहाल लघु फिल्म तैयार करने के प्रस्ताव पर दोनों मंत्रालय के अधिकारी माथापच्ची करने में लगे हुए हैं।
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एनिमेशन के जरिए बच्चे बनेंगे जागरूक

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यौन हिंसा जैसे संवेदनशील मामले पर बच्चों को जागरुक बनाना काफी चुनौती भरा है। इसलिए प्रत्येक आयु वर्ग की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर इस योजना को अंजाम दिया जाएगा।

हालांकि इस फिल्म में कोई बड़ा अभिनेता नहीं होगा। बल्कि एनीमेशन के जरिए बच्चों को इन बातों को समझाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को दुर्व्यवहार और यौन हिंसा से सचेत करने के लिए आसान, मनोरंजक तरीके से समझाने की कोशिश होगी। उनकी झिझक दूर कर ऐसे मामलों में शिक्षक या अभिभावक से संवाद करने के लिए मानसिक रुप से मजबूत बनाने की कोशिश होगी।

यूनीसेफ के मुताबिक भारत में प्रत्येक तीन दुष्कर्म पीड़िता में एक नाबालिग शामिल है। जबकि  सालाना 7200 से ज्यादा बच्चें दुष्कर्म के शिकार होते हैं। वहीं मंत्रालय के एक पुराने रिपोर्ट पर गौर करे तो प्रत्येक तीन बच्चों में से दो बच्चों के शारीरिक दुर्व्यवहार के शिकार होते हैं।

13 राज्यों में किये गए सर्वे में 69 फीसदी बच्चे शारीरिक दुर्व्यवहार को झेलते हैं। रिपोर्ट में दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश, असम में सर्वाधिक यौन हिंसा के शिकार बच्चों का जिक्र किया गया है।
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