पत्रकार पूजा तिवारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में जेल में बंद अमित कुमार की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी।
कोर्ट में पेश हुए पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी को जज फतेहदीप सिंह ने डिपार्टमेंट के लिए नहीं वर्दी के लिए काम करने की सलाह दी। पुलिस आयुक्त ने फोरेंसिक रिपोर्ट और साइबर सेल की जांच रिपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने की जिम्मेदारी ली। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह अक्तूबर तय की।
मालूम हो कि मूल रूप से इंदौर की रहने वाली पोर्टल पत्रकार पूजा तिवारी फरीदाबाद में काम करती थी। पूजा ने साथी पत्रकार अनुज मिश्रा के साथ गर्भपात के अवैध कारोबार का स्टिंग ऑपरेशन किया था।
इस पर उसके खिलाफ डॉ. अनिल गोयल ने सेंट्रल थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया था। पूजा की मदद कर रहा इंस्पेक्टर अमित कुमार उसे सुरक्षा देने के नाम पर एनआईटी पांच में किराए के कमरे से निकाल कर सेक्टर 46 सद्भावना अपार्टमेंट स्थित पांचवीं मंजिल के फ्लैट पर ले गया था।
22 अप्रैल को फ्लैट में शिफ्ट हुई पूजा के साथ इंदौर की पत्रकार अमरीन खान भी रह रही थी। 1 मई की रात फ्लैट की बालकनी से संदिग्ध हालात में गिरने से पूजा की मौत हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने डॉ. गोयल दंपति के खिलाफ केस दर