दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वर्ष 2008 में इंस्पेक्टर विद्याधर सिंह द्वारका सेक्टर-23 थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था। वहां थानाध्यक्ष अब दिल्ली पुलिस से रिटायर हो चुके इंस्पेक्टर तिलकराज मोंगिया थे।
उस दौरान एसआई विद्याधर ने कार में बैठे एक प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया था। उस पर युवती ने छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। साथ ही इसकी शिकायत तत्कालीन दिल्ली पुलिस आयुक्त को की थी।
इसके बाद एसआई विद्याधर का पहले द्वारका सेक्टर-23 थाने से ट्रांसफर किया गया और उसके बाद विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। विद्याधर के खिलाफ विभागीय जांच कई वर्ष चली थी।
हालांकि उस समय इंस्पेक्टर विद्याधर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। ऐसे गंभीर आरोप लगने के बावजूद इंस्पेक्टर विद्याधर को थानाध्यक्ष जैसे पद पर तैनाती कर दी गई।