दरोगा अख्तर खान को जावेद ने ही गोली मारी थी। एक बार गोली मारने के बाद जावेद ने दोबारा फायरिंग की थी। हालांकि दूसरी गोली दीवार में लगी। बुधवार को पुलिस रिमांड पर जावेद ने यह बात दादरी पुलिस को बताई।
पुलिस ने जावेद की निशानदेही पर शिवनाडर विवि के पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए 12 बोर की पौना बंदूक को बरामद कर लिया है। वहीं, गुलफाम उर्फ तोता को पुलिस ने रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर एक तमंचा बरामद किया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि गुलफाम उर्फ तोता को बुलंदशहर और जावेद को दिल्ली से रिमांड पर लाया गया है। गहन पूछताछ में दोनों बदमाशों ने बताया कि अपने को पुलिस से घिरा समझ कर ही उन्होंने गोली चलाई थी।
दरोगा अख्तर खान को एक गोली मारने के बाद जावेद ने दूसरी गोली भी चलाई थी। उसके बाद गुलफाम ने छत पर जाकर फायरिंग की। इसके बाद सभी बदमाश छत से पीछे की तरफ से उतर कर फरार हो गए थे। पुलिस ने जावेद की निशानदेही पर एक बंदूक व गुलफाम की निशानदेही से पुराना कठैड़ा रोड से एक तमंचा बरामद किया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
मालूम हो कि 25 अप्रैल को नगर के मोहल्ला नई आबादी में दबिश देने गई पुलिस पर गोली चलाकर दरोगा अख्तर खान की हत्या कर दी थी। दरोगा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी जावेद ने दिल्ली की कड़कड़डूमा जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।
ऑटो से भागे थे बदमाश
पुलिस से झड़प के बाद सभी बदमाश अलग-अलग पैदल ही नई आबादी से फरार हुए थे। इसके बाद लगभग सभी बदमाशों ने अलग-अलग ऑटो कर अपने रास्तों को निकल गए। जावेद और तोता हापुड़ पहुंच गए। फुरकान के पकड़े जाने के बाद जावेद ने दिल्ली की अदालत में सरेंडर कर दिया।