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लूट के मामले में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया दरोगा, गिरफ्तार

Wed, 29 Jun 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
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लूट के मामले से नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे दरोगा को एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ दबोचा है। दरोगा के खिलाफ कोतवाली सिकंदराबाद में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आरोपी दरोगा को जेल भेज दिया है।
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एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि 27 मई को खबरा गांव थाना खुर्जा देहात निवासी नानक चंद पुत्र वीरपाल ने थाना दनकौर जिला गौतमबुद्ध नगर की कस्बा चौकी पर तैनात दरोगा श्योदान सिह पुत्र स्वर्गीय होराम सिंह के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की।

बकौल नानकचंद 23 जून को दरोगा श्योदान सिंह उनके घर आए। बताया कि 20-25 दिन पहले कस्बा दनकौर में एक कार लूटी गई थी। गिरफ्तार अभियुक्तों ने आपके भाई विजेंद्र और रिंकू का नाम लिया है।
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उसे गिरफ्तार कर जेल भेजना पड़ेगा। नानक चंद ने बताया कि काफी अनुरोध पर श्योदान सिंह ने दोनों भाइयों के नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। 25 हजार रुपये पहले 25 हजार बाद में देने को कहा।

एंटी करप्शन टीम के प्रभारी ने बताया कि जांच में नानक चंद के आरोपों की पुष्टि हुई। उन्होंने नानक चंद को आरोपी दरोगा से फोन पर संपर्क में रहने के लिए कहा।
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जानकारी के बाद भी छिपाती रही पुलिस

पु‌लिस - फोटो : file photo
28 जून को नानक चंद ने बताया कि एसडीएम कालोनी सिकंदराबाद के रहने वाले दरोगा श्योदान सिंह ने रिश्वत के 25 हजार रुपये लेकर सिकंदराबाद में दनकौर बस स्टैंड पर बुलाया है।

एंटी करप्शन टीम के प्रभारी ने नानक चंद को एक हजार के 25 चिह्नित नोट दिए। साथ ही, दनकौर बस स्टैंड पर जाल बिछा दिया। शाम करीब 7:45 बजे श्योदान सिंह वहां पहुंचा।

उसने नानक चंद से 25 हजार रुपये लिए और गिनने लगा। इसी दौरान एंटी करप्शन की टीम ने श्योदान को दबोच लिया। प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार की तहरीर पर सिकंदराबाद में श्योदान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। बाद में पुलिस ने श्योदान सिंह को जेल भेज दिया।

यूपी पुलिस के दारोगा को रंगे हाथ रिश्वत लेने की घटना की जानकारी देने में बुलंदशहर और दनकौर पुलिस बचती रही। एसएसपी बुलंदशहर वैभव कृष्ण ने कहा कि मामला नोएडा का है।

बुलंदशहर में तो दारोगा रहते थे। उधर, दनकौर पुलिस का कहना था कि मामला सिकंदराबाद में दर्ज हुआ है, इसलिए पूरी जानकारी वहां की पुलिस के पास है।
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